पौनिया की गोली ने छलनी हुआ नितिन का किडनी, लिवर, दिल और गुर्दा
नितिन के बदन की पीठ पर छर्रों के निशान गिनते-गिनते थके चिकित्सक, लगे 100 से ज्यादा छर्रे
सर्वेश तिवारी, अमृत विचार
हल्द्वानी : भाजपा के मंडल अध्यक्ष और वार्ड 55 के पार्षद अमित के सिर पर खून सवार था। उसकी पौनिया से निकली गोली ने नितिन के शरीर को छलनी कर दिया था। नितिन के शरीर पर इतने छेद थे कि जिन पाना मुश्किल हो रहा था। शरीर के अंदर मौजूद लगभग हर अंग छलनी हो चुका था। नितिन के बदन को जिसने भी देखा, उसकी रूह कांप गई। माना जा रहा है कि पौनिया (शॉट गन) से निकली गोली ने नितिन के शरीर पर सौ से ज्यादा छेद कर दिए थे। घटना के बाद पुलिस ने बुरी तरह घायल नितिन को डॉ.सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद पुलिस नितिन के जजफार्म स्थित आवास पहुंची। नितिन की मां सीमा दरवाजे पर आई तो बताया कि नितिन को चोट लगी है और नितिन के पिता कैलाश चंद्र लोहनी को अपने साथ अस्पताल ले गई। जहां उन्हें घटना के बारे में बताया और कहाकि उनके बेटे की मौत हो चुकी है। पिता ने बेटे की शिनाख्त की। सोमवार सुबह नितिन के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम के लिए दो चिकित्सक पहुंचे। उन्होंने पोस्टमार्टम से पहले शव का एक्सरे कराने के लिए कहा। शव को फिर से एसटीएच भेजा गया। करीब डेढ़ घंटे बाद एक्सरे कर शव को फिर से पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया। नितिन की पीठ पर यहां ढेरों छेद थे, जिन्हें गिना गया तो संख्या सौ से अधिक निकली। चिकित्सकों का कहना है कि गोली से निकले छर्रों ने न सिर्फ जिस्म बल्कि नितिन के दिल, गुर्दे, लिवर और किडनी की छलनी कर दिया है। यानी शरीर के अंदर ऐसा कोई अंग नहीं बचा, जो गोली के छर्रों से छलनी न हुआ हो।
25 मीटर की दूरी से अमित पर झोंके थे दो फायर
हल्द्वानी : इस पूरे मामले में फॉरेंसिक अपनी जांच कर रही है। टीम ने घर से उस स्थान की दूरी नापी है, जहां नितिन गिरा मिला। इसके अलावा नितिन के शरीर की जांच भी फॉरेंसिक टीम ने की है। नितिन के शरीर पर मौजूद घाव इस बात की तस्दीक करते कि उसे कितनी दूरी से और कितनी गोली मारी गई होगी। एक्सपर्ट का कहना है कि पौनिया यानी शॉटगन में आमतौर पर 12 बोर (गोली) का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी गोली में छर्रे भरे होते हैं। 5 से10 फीट से गोली चले तो शरीर पर एक बड़ा प्रवेश घाव दिखाई दे सकता है। 10 से 25 फीट पर गोली चलने पर छर्रे फैल जाते हैं और शरीर पर कई छोटे-छोटे छेद दिखाई देते हैं, जिनकी 10, 20, 30 या उससे भी अधिक हो सकती है। यानी दूरी जितनी ज्यादा, छेद उतने ज्यादा और फैले हुए होते हैं। अब नितिन के शरीर पर लगभग सौ से अधिक छेद हैं, ऐसे में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि नितिन पर दो या दो से अधिक बार गोली चलाई गई होगी।
