KGMU भगोड़े डॉक्टर के खटीमा और पीलीभीत घर पर कुर्की की नोटिस होगी चस्पा, 50 हजार के इनामी रमीज के कई मददगार पुलिस की रडार पर

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Published By Muskan Dixit
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आज चौक पुलिस की दो टीमें होंगी रवाना, वहां की पुलिस से किया संपर्क

लखनऊ, अमृत विचार: केजीएमयू में शादी का झांसा देकर यौन शोषण,गर्भपात कराने व अन्य आरोपों से घिरे 50 हजार के इनामी रेजिडेंट डा. रमीजउद्दीन नायक लगातार पुलिस को चकमा दे रहा है। आरोपी के हाथ न लगने पर पुलिस ने अब प्रॉपर्टी कुर्की की प्रक्रिया शुरु कर दी है। बुधवार को पुलिस टीम पीलीभीत और खटीमा स्थित उसके आवास पर नोटिस चस्पा करने जाएगी। इसके साथ ही डॉक्टर रमीज के कई मददगार हैं। जिसमें केजीएमयू से जुड़े हैं। पुलिस उसके मददगारों पर भी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।

चौक पुलिस की एक टीम मंगलवार को पीलीभीत में कई स्थानों पर रमीज की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी पर लेकिन वह नहीं मिला। पुलिस उसके करीबियों से पूछताछ कर लौट आई है। करीबियों से पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। इसके साथ ही मतांतरण में आरोपी काजी सैय्यद जाहिद हसन व एक अन्य के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। डॉ. रमीज की काॅल डिटेल्स के आधार पर कई संदिग्ध पुलिस की रडार पर हैं।

सूत्रों की मानें तो कई मददगार डॉ. रमीज को फोन पर पुलिस और केजीएमयू प्रबंधन की गतिविधियों व कार्रवाई की जानकारी देते रहे। डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी डॉ. काजी और अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की दो टीमें दबिश दे रही हैं। जल्द ही उसकी गिरफ्तारी की जाएगी। बुधवार को चौक पुलिस की दो टीमें डॉ. रमीज के पीलीभीत न्योरिया मोहम्मद यार खां कस्बा और उत्तराखंड के खटीमा स्थित आवास पर कोर्ट से जारी 82 (कुर्की की कार्रवाई का प्राथमिक नोटिस) चस्पा करने जाएगी।

इसके बाद भी अगर डॉक्टर की गिरफ्तारी न हुई तो पुलिस 83 की नोटिस कोर्ट से जारी कराकर उसके संपत्तियों की कुर्की करेगी। चौक पुलिस ने खटीमा और पीलीभीत पुलिस की मदद से उसकी संपत्तियों का भी ब्योरा जुटा रही है। इसके साथ ही पुलिस डॉ. रमीज उसके माता-पिता और अन्य परिजन के बैंक खाते पर नजर रखे हुए है।

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मददगार बने दो प्रोफेसर पर जांच कमेटी को शक

आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर को बचाने वाले मददगारों की तलाश तेज हो गई है। जांच के दौरान दो प्रोफेसरों की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है। कॉल डिटेल और गवाहों के बयानों के आधार पर जांच कमेटी का शक उनपर गहरा गया है। केजीएमयू में दो अलग-अलग कमेटियां मामले की जांच कर रही हैं। यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच विशाखा कमेटी कर रही है, जबकि धर्मांतरण प्रकरण की जांच सात सदस्यीय कमेटी को सौंपी गई है, जिसमें एक सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक भी शामिल हैं। जांच के दौरान सामने आया है कि आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर की दो प्रोफेसरों से लगातार फोन पर बातचीत और नजदीकी संबंध थे। आरोप है कि घटना को दबाने और आरोपी को बचाने में भी इन प्रोफेसरों की भूमिका हो सकती है। जांच कमेटी अब तक दोनों प्रोफेसरों से कई दौर की पूछताछ कर उनके बयान दर्ज कर चुकी है। जांच अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

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