'यह नौकरी मेरे लिए बहुत कठिन...' दिल्ली में साकेत कोर्ट की बिल्डिंग से कूदकर विकलांग कर्मचारी ने दी जान, सुसाइड नोट बरामद
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में साकेत अदालत परिसर के भीतर एक इमारत से कूदकर एक कर्मचारी ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘टीम मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी। पुलिस टीम गवाहों और सहकर्मियों के बयान दर्ज कर रही हैं।’’ उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।
विकलांग हूं... यह नौकरी मेरे लिए बहुत कठिन
शख्स ने सुसाइड नोट में लिखा, 'आज मैं ऑफिस के काम के दबाव के कारण आत्महत्या कर रहा हूं। इसके लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं है। जब से मैं अहल्मद बना हूं, मेरे मन में आत्महत्या के विचार आ रहे हैं। मैंने अपने ये विचार किसी से साझा नहीं किए। मैंने इन विचारों पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहा। मैं 60% विकलांग हूं और यह नौकरी मेरे लिए बहुत कठिन है, और मैं इस दबाव के आगे झुक गया।'
'जब से मैं अहल्मद बना हूं, मुझे नींद नहीं आती'
जब से मैं अहल्मद बना हूं, मुझे नींद नहीं आती और मैं बहुत ज़्यादा सोचता रहता हूं। अगर मैं जल्दी रिटायरमेंट भी ले लूं, तो भी मुझे अपनी बचत या पेंशन 60 साल की उम्र में ही मिलेगी, इसलिए आत्महत्या ही एकमात्र विकल्प है। मैं हाई कोर्ट से निवेदन करता हूं कि किसी विकलांग व्यक्ति के प्रति नरम रुख अपनाएं, ताकि भविष्य में कोई भी मेरे जैसा कष्ट न सहे। मैं दोहराता हूं कि मेरी आत्महत्या के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं है।'
