Moradabad: 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को मिलकर करें साकार

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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मुरादाबाद, अमृत विचार। भारत के हस्तशिल्प सोर्सिंग सिस्टम को नए सिरे से परिभाषित करने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) ने इंडिया एक्सपो मार्ट लिमिटेड की क्रॉस-बॉर्डर ई-कॉमर्स इकाई एक्सपो बाजार के साथ मिलकर मुरादाबाद के दिल्ली रोड स्थित ईपीसीएच रिसोर्स सेंटर में एक अत्याधुनिक कैश एंड कैरी सेंटर खोला। जो भारत के जीवंत हस्तशिल्प, होम और लाइफस्टाइल उत्पाद उद्योग के लिए आसान पहुंच, पारदर्शिता और सुव्यवस्थित सोर्सिंग का मंच उपलब्ध कराएगी।

शुक्रवार को कैश एंड कैरी सेंटर और थ्री डी प्रिंटिंग सुविधा से लैस डिजाइन स्टूडियो का उद्घाटन मुख्य अतिथि कौशल विकास एवं व्यवसायिक शिक्षा मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि एक छत के नीचे निर्यातकों को पूरे बाजार की झलक मिल रही है। कैश एंड कैरी सेंटर इसमें अहम साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में जुटी है। प्रदेश सरकार नई तकनीकों को लेकर निर्यात को आगे बढ़ा रही है। सरकार बाजार की मांग के अनुरूप निर्यात को नये रूप में बढ़ा रही है। 

उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को प्रशिक्षण देकर इस दिशा में लाना होगा। 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को हम सभी को मिलकर साकार करना होगा। तभी भारत विकसित राष्ट्र बनकर विश्व को नेतृत्व प्रदान करने में सक्षम होगा। कहा कि सरकार आज चीन, जापान और अन्य देशों के साथ आर्थिक रिश्ते मजबूत कर रही है। मुख्य अतिथि ने ईपीसीएच और एक्सपो बाजार की तारीफ़ की। उन्होंने मुरादाबाद रिसोर्स सेंटर को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) घोषित किए जाने पर बधाई दी।

वाइस चेयरमैन ईपीसीएच सागर मेहता ने कहा कि इंडियन आर्टीजन को आगे बढ़ाने में कैश एंड कैरी सेंटर काफी अहम भूमिका निभाएगा। मु्ख्य संयोजक अवधेश अग्रवाल ने कहा कि मुरादाबाद अपने मेटल हैंडीक्राफ्ट्स और बेहतरीन कारीगरी के लिए दुनिया भर में मशहूर है। कैश एंड कैरी सेंटर होलसेल प्लेटफॉर्म है, जो तुरंत डिलीवरी और बड़े स्तर पर कारोबार को साथ लाएगा। कहा कि ट्रंप के टैरिफ व धमकियों पर भारत और मुरादाबाद के निर्यातक अपने जज्बे और हौसले से विजय हासिल करेंगे। मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के संरक्षक नजमुल इस्लाम ने कहा कि ईपीसीएच के साथ हम सभी मिलकर चुनौतियों से निश्चित रूप से उबरेंगे।

संचालन जेपी सिंह ने किया। कार्यक्रम में रवि के. पासी, नजलुम इस्लाम, नवेदुर्रहमान, रोहित ढल, मनोज आहूजा, राज कुमार मल्होत्रा, प्रिंस मलिक, सलमान आज़म, जीशान अली, सिमरनदीप सिंह कोहली, रश्मि दुग्गल, वरुण शर्मा, मोहम्मद जुनैद, ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत आदि मौजूद रहे।

हम धमकियों से डरने वाले नहीं
ईपीसीएच के चेयरमैन नीरज खन्ना ने कहा कि दस साल पहले बना ईपीसीएच का भव्य आज नये रूप में निर्यात और निर्यातकों के लिए काफी महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 500 प्रतिशत धमकी देकर टैरिफ लगाने की जो चेतावनी दी है, हम ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं है। हमने अर्जेंटीना, आस्ट्रेलिया, सऊदी अरब आदि देशों का नया बाजार खड़ा कर चुके हैं। हम आज केवल अमेरिका पर निर्भर नहीं हैं।

मुरादाबाद का निर्यात और मजबूत होगा
विशिष्ट अतिथि ईपीसीएच के महानिदेशक व मुख्य संरक्षक और आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के लिए आज का महत्वपूर्ण दिन है। ईपीसीएच भवन जीर्णोद्धार के बाद नये रूप में स्थापित किया गया है। इस स्थान से मुरादाबाद का निर्यात और मजबूत होगा। इससे निर्यातकों को आसानी होगी। उन्होंने कहा कि यह पहल परंपरा और तकनीक का संगम है, जो क्लस्टर स्तर पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करती है और एक ऐसा संगठित मंच तैयार करती है, जो कारीगरों और निर्यातकों को सीधे कई तरह की खरीदारियों से जोड़ता है।

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