मतांतरण मामले में केजीएमयू का डॉक्टर और दो महिला स्टॉफ रडार पर, मामले में पर्याप्त साक्ष्य जुटाने में लगी पुलिस-एजेंसियां

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: केजीएमयू के आरोपी डॉक्टर रमीज का मतांतरण कांड सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर वहीं के कई अन्य डॉक्टर और स्टॉफ के लोग हैं। कॉल डिटेल के आधार पर रमीज के संपर्क में कई करीबी मिले हैं। उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस की तीन टीमें उन करीबियों ब्योरा जुटाने के साथ ही साक्ष्य संकलन कर रही हैं। वहीं, पुलिस की दो टीमें धर्मांतरण के आरोपी पीलीभीत के काजी जाहिद हसन राना और गवाह शारिक की तलाश में दबिश दे रही हैं।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि फरार होने के बाद प्रदेश के दूसरे जिलों और दिल्ली में रमीज को शरण देने वालों को पुलिस ने चिन्हित कर लिया है। पुलिस जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई करेगी। छानबीन में पता चला कि केजीएमयू से जुड़े कई लोग डॉ. रमीज की फरारी के दौरान भी उसके संपर्क में थे। वह उसे पुलिस की लगभग हर मूवमेंट के बारे में जानकारी देते रहे थे। पुलिस और जांच एजेंसियों के रडार पर केजीएमयू की दो महिला स्टाॅफ और एक डॉक्टर है। पुलिस सर्विलांस की मदद से जांच कर रही है।

पुराना मोबाइल गायब, चैट हिस्ट्री रिकवर का प्रयास

चौक पुलिस को डॉ. रमीज के पास से एक नया मोबाइल मिला है। आरोपी ने फरार होने के दौरान पुराना मोबाइल कहीं फेंक दिया था। पुलिस उसे बरामद करने का प्रयास कर रही है। इसके साथ ही पुलिस पुराने नंबर के सहारे उसके सोशल अकाउंट की डिटेल रिकवर करने के प्रयास में लगी है। पुलिस उसके नए मोबाइल को फॉरेंसिक लैब भेजकर सारा डिलीट डेटा जुटाने का प्रयास कर रही है।

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