UP में सेमीकंडक्टर क्रांति: 3,706 करोड़ की परियोजनाओं की नई शुरुआत, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश सरकार ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण शासनादेश में 3,706 करोड़ की सेमीकंडक्टर परियोजना को बड़ी राहत दी है। इसके माध्यम से यूपी सेमीकंडक्टर नीति–2024 के अंतर्गत मेसर्स वामा सुंदरी इन्वेस्टमेंट्स (दिल्ली) प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में पूर्व में जारी लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) में संशोधन करते हुए अब इसे परियोजना कंपनी मेसर्स इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड के नाम से जारी करने का निर्णय लिया गया है ।
यह निर्णय भारत सरकार के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के अनुरोध पर लिया गया है। आईएसएम द्वारा स्पष्ट किया गया था कि सेमीकंडक्टर परियोजना के क्रियान्वयन और फिस्कल सपोर्ट एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने से पहले भूमि पट्टा परियोजना कंपनी इंडिया चिप प्रा. लि. के नाम से निष्पादित किया जाना आवश्यक है। शासनादेश के अनुसार, यह परियोजना यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में स्थापित की जानी है। परियोजना का कुल निवेश लगभग 3,706.12 करोड़ रुपये है। इसके तहत आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्टिंग सुविधा स्थापित की जाएगी।
3,780 युवाओं को रोजगार देगी परियोजना
आईटी एवं इलेक्ट्रानिक विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग की ओर जारी शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि परियोजना के शेयरहोल्डिंग पैटर्न में कोई प्रभावी बदलाव नहीं हुआ है। परियोजना कंपनी इंडिया चिप प्रा.लि. एक संयुक्त उपक्रम है, जिसमें वामा सुंदरी इन्वेस्टमेंट्स (दिल्ली) प्रा.लि. की 60 प्रतिशत और फॉक्सकॉन हाई टेक्नोलॉजी इंडिया मेगा डेवलपमेंट प्रा.लि. की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है। केवल प्रशासनिक और वैधानिक आवश्यकताओं के तहत परियोजना इकाई के नाम में संशोधन किया गया है। परियोजना से कुल 3,780 रोजगार सृजित होंगे, जिनमें 780 प्रत्यक्ष और लगभग 3,000 अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल हैं।
