स्वास्थ्य विभाग : एक्स-रे टेक्नीशियन भर्ती की जांच में एक कर्मचारी विभाग छोड़कर भागा
लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश में एक्सरे टेक्नीशियन भर्ती से जुड़े पुराने फर्जीवाड़े के खुलासों के बाद अब पीलीभीत जिले से एक और संदिग्ध मामला सामने आया है। विभाग के मानव संपदा पोर्टल पर जिले में चार एक्स-रे टेक्नीशियन कार्यरत हैं, जबकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में केवल तीन ही कार्यरत हैं।
यानी की चल रही जांच के बीच एक टेक्नीशियन विभाग छोड़कर भाग चुका है। इतना ही नहीं, पूर्व में हुए खुलासे और जांच के दायरे में गुजर ही एक्स-रे टेक्निशयनों की नियुक्ति, प्रकरण में शाहपुर सीएचसी में कार्यरत अंकुर नामक एक्सरे टेक्नीशियन को पहले हटाया गया था, लेकिन वर्तमान में उसके दोबारा कार्य करने की सूचना है, जिसके बाद फर्जीवाड़े के रैकेट के फिर सक्रिय होने की संभावना बन गयी है।
मानव संपदा पोर्टल के अनुसार पीलीभीत जिले में सीएचसी बीसलपुर में धीरेंद्र सिंह, सीएचसी न्यूरिया में विमल प्रकाश, जिला क्षयरोग केंद्र में मुकेश कुमार गौतम और सीएचसी पूरनपुर में चंद्रप्रकाश एक्सरे टेक्नीशियन के पद पर तैनात हैं। हालांकि आरटीआई के जवाब में सीएमओ कार्यालय ने पूरनपुर, न्यूरिया और जिला क्षयरोग केंद्र में ही एक्सरे टेक्नीशियन के कार्यरत होने की जानकारी दी, जबकि बीसलपुर में पद रिक्त बताया गया।
इस विरोधाभास के बाद नियुक्ति प्रक्रिया में फर्जीवाड़े की आशंका गहराती जा रही है। इसकी संभावना पूर्व में एक्स-रे टेक्नीशियन भर्ती घोटाले की कड़ी हो सकती है।
गौरतलब है कि अमृत विचार ने पूर्व में अर्पित व अंकुर नाम के कई व्यक्ति द्वारा अलग-अलग जिलों में एक साथ नौकरी करने का खुलासा किया था। प्रकरण की जांच पुलिस के हवाले कर दी गयी है, अधिकारियों की माने तो जांच चल रही है। इसी प्रकार वर्ष 2008 और 2016 में भी लैब व एक्सरे टेक्नीशियन भर्ती में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा उजागर हो चुका है।
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