पंचवर्षीय विकास योजना पर काम करेगा नेशनल पीजी कॉलेज, सभी विषयों के विभागाध्यक्षों की बैठक में बनी सहमति
लखनऊ, अमृत विचार : नेशनल पीजी कॉलेज अगले पांच वर्षों तक शैक्षणिक और शोध विकास की पंचवर्षीय योजना पर कार्य करेगा। इस उद्देश्य से सभी विषयों के विभागाध्यक्षों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें महाविद्यालय की विस्तृत कार्ययोजना पर सहमति बनी। बैठक के दौरान मुख्य रूप से शिक्षण गुणवत्ता में सुधार, नवीन शिक्षण पद्धतियों को अपनाने तथा शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर विस्तार से चर्चा की गई।
मानवशास्त्र विभाग ने अपनी शैक्षणिक गतिविधियों, पाठ्यक्रम संरचना, शोध कार्यों, सामाजिक अध्ययन, विद्यार्थियों के समग्र विकास तथा पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत प्रस्तावित लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की। विभाग की ओर से विद्यार्थियों में शोध प्रवृत्ति और क्षेत्रीय अध्ययन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। इसी प्रकार इतिहास, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र, प्रबंधन, शिक्षाशास्त्र, गणित व सांख्यिकी, शिक्षा शास्त्र, कॉमर्स और कंप्यूटर विज्ञान विभागों के विभागाध्यक्षों ने भी आगामी रणनीतियों को लेकर अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
बैठक में शिक्षण को व्यवहारिक और शोध उन्मुख बनाने, डिजिटल संसाधनों के अधिकतम उपयोग तथा एआई के प्रयोग पर बल दिया गया। प्राचार्य डॉ. देवेंद्र सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि महाविद्यालय की पंचवर्षीय योजना का उद्देश्य केवल शैक्षणिक गतिविधियों को सुदृढ़ करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है। अंत में उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों से आपसी समन्वय और निरंतर सहयोग बनाए रखने का आह्वान किया, जिससे महाविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में अग्रसर किया जा सके।
