Moradabad: नसबंदी के बाद भी गर्भवती हुईं 48 महिलाएं, मुआवजे के लिए स्वास्थ्य विभाग का चक्कर
शुभम शर्मा, मुरादाबाद। नसबंदी जैसे स्थायी परिवार नियोजन उपाय के बावजूद जिले में 48 महिलाएं गर्भवती हो गईं। इन महिलाओं ने नसबंदी के बाद गर्भधारण होने पर मिलने वाले मुआवजे के लिए स्वास्थ्य विभाग में अपील की है, लेकिन अधिकांश मामलों में तय समय सीमा का पालन न होने के कारण मुआवजा मिलने की संभावना कमजोर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार नियम स्पष्ट हैं कि नसबंदी के बाद गर्भधारण की सूचना 90 दिनों के भीतर देना अनिवार्य है, तभी मुआवजे पर विचार किया जा सकता है।
कई महिलाओं को गर्भधारण की पुष्टि देर से हुई या जानकारी होने के बावजूद समय पर विभाग को सूचित नहीं किया गया। ऐसे मामलों में चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि नियमानुसार तय अवधि बीत जाने के बाद मुआवजा देना संभव नहीं होता। इससे महिलाएं असमंजस और नाराजगी की स्थिति में हैं और लगातार विभागीय कार्यालयों के चक्कर काट रही हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नसबंदी को प्रोत्साहित करने के लिए आर्थिक सहायता भी दी जाती है। नियमानुसार, सामान्य नसबंदी कराने पर महिलाओं को दो हजार रुपये, प्रसव के बाद नसबंदी कराने पर तीन हजार रुपये और पुरुष नसबंदी पर तीन हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके अलावा, विफलता के मामलों में निर्धारित शर्तों के तहत मुआवजे का भी प्रावधान है, लेकिन समय सीमा और दस्तावेजों की अनिवार्यता इसमें सबसे बड़ी शर्त मानी जाती है।
इधर, वर्ष 2025 में परिवार नियोजन को लेकर महिलाओं के रुझान में बदलाव भी देखने को मिला है। कई महिलाओं ने स्थायी नसबंदी की बजाय अस्थायी और वैकल्पिक साधनों को प्राथमिकता दी। प्रसव के बाद कॉपर टी और अंतरा इंजेक्शन जैसे उपायों पर भरोसा बढ़ा है, क्योंकि इन्हें अपेक्षाकृत सुरक्षित और नियंत्रित माना जा रहा है।
सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि नसबंदी के बाद गर्भधारण की स्थिति में शासन द्वारा मुआवजे का प्रावधान है, लेकिन इसके लिए तय नियमों का पालन जरूरी है। 90 दिनों के भीतर सूचना देना अनिवार्य है। विभाग की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं जिससे महिलाएं समय पर जानकारी दें और किसी को भी नियमों के अभाव में नुकसान न उठाना पड़े।
- मुआवजे के नियम
- नसबंदी के बाद गर्भधारण की सूचना 90 दिन के भीतर देना अनिवार्य
- तय समय सीमा के बाद अपील करने पर मुआवजा नहीं
- सभी आवश्यक चिकित्सीय दस्तावेज जमा करना जरूरी
परिवार नियोजन के विकल्प
- सामान्य नसबंदी : 2000 प्रोत्साहन राशि
-प्रसव बाद नसबंदी : 3000 प्रोत्साहन राशि
- पुरुष नसबंदी : 3000 प्रोत्साहन राशि
-अस्थायी साधन : कॉपर टी, अंतरा इंजेक्शन पर बढ़ता भरोसा
