Apple and Google big partnership: जेमिनी AI पर बनेगा एप्पल इंटेलिजेंस का अगला दौर, सिरी बनेगी और स्मार्ट!
लखनऊः एप्पल और गूगल ने एक मल्टी-ईयर पार्टनरशिप की घोषणा की है, जो AI की दुनिया में बड़ा बदलाव लाएगी। इस समझौते के तहत एप्पल के अगली पीढ़ी के फाउंडेशन मॉडल्स अब गूगल के जेमिनी मॉडल्स और क्लाउड टेक्नोलॉजी पर आधारित होंगे। इससे एप्पल इंटेलिजेंस के फीचर्स, खासकर सिरी को और अधिक पर्सनलाइज्ड और शक्तिशाली बनाया जाएगा। नया अपग्रेडेड सिरी इसी साल लॉन्च होने वाला है।
यह साझेदारी कई सालों की चर्चा के बाद आखिरकार सामने आई है। गूगल ने अपने आधिकारिक बयान और X पोस्ट में इसकी पुष्टि की। एप्पल ने कई विकल्पों (जैसे ओपनएआई के चैटजीपीटी) का मूल्यांकन करने के बाद गूगल की जेमिनी को सबसे सक्षम फाउंडेशन मॉडल माना।
क्या हैं पार्टनरशिप के प्रमुख पॉइंट्स
- जेमिनी का इस्तेमाल: एप्पल इंटेलिजेंस के फ्यूचर फीचर्स, जैसे राइटिंग टूल्स, इमेज जनरेशन और ऑटोमेशन, जेमिनी पर आधारित होंगे।
- सिरी में बड़ा अपग्रेड: नई सिरी यूजर के इंटेंट और ऑन-डिवाइस कॉन्टेक्स्ट को बेहतर समझेगी, जिससे यह ज्यादा स्मार्ट और पर्सनल बनेगी।
- प्राइवेसी पर कोई समझौता नहीं: एप्पल इंटेलिजेंस मुख्य रूप से ऑन-डिवाइस चलेगा। कॉम्प्लेक्स टास्क के लिए एप्पल के प्राइवेट क्लाउड कंप्यूट का इस्तेमाल होगा, जो कंपनी के मजबूत प्राइवेसी स्टैंडर्ड्स को बनाए रखेगा।
- डेटा शेयरिंग नहीं: गूगल को ऐडवरटाइजिंग या प्रोफाइलिंग के लिए कोई यूजर डेटा नहीं मिलेगा। एप्पल का पूरा कंट्रोल सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन पर रहेगा।
यह साझेदारी एप्पल के लिए AI में पिछड़ने की भरपाई करेगी, जबकि गूगल को एक बड़ा क्लाइंट मिलेगा। ओपनएआई अब सिरी में सपोर्टिंग रोल में रहेगा। कुल मिलाकर, यह टेक की दो सबसे बड़ी कंपनियों का AI युग में मजबूत गठजोड़ है।
