बार-बार ऑपरेशन कर वसूले 50 लाख, फिर भी मरीज की मौत..., कैंसर अस्पताल पर लगा लापरवाही और वसूली का आरोप

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Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार : दुबग्गा स्थित कायमगंज के एक निजी कैंसर अस्पताल पर मरीज के गलत इलाज, बार-बार अनावश्यक ऑपरेशन करने और करीब 50 लाख रुपये वसूलने का गंभीर आरोप लगा है। बरेली कैंट निवासी पीड़ित अर्जुन ने इस मामले की लिखित शिकायत मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से की है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने जांच कराने की बात कही है।

पीड़ित अर्जुन के अनुसार, उनके पिता संतोष कुमार (48), निवासी भउआपुर मानपुर, बरेली कैंट, की तबीयत बिगड़ने पर बीते वर्ष आठ जुलाई को हरदोई रोड स्थित दुबग्गा आम्रपाली योजना में कायमगंज के निजी कैंसर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि अस्पताल संचालक व डॉक्टर ने खुद को गैस्ट्रो विशेषज्ञ बताते हुए छोटी आंत में कैंसर की गांठ होने की बात कही और शुरुआत में ही 80 हजार रुपये ओटी फीस के रूप में जमा कराए। इसके बाद ऑपरेशन व दवाओं के नाम पर लगभग 10 लाख रुपये वसूले गए। आयुष्मान कार्ड से इलाज करने से भी इनकार कर दिया गया।

ऑपरेशन के बाद मरीज को करीब 16 दिन तक अस्पताल में भर्ती रखा गया। छुट्टी मिलने के कुछ ही दिनों बाद दोबारा परेशानी होने पर फिर से भर्ती कर तीन दिन में करीब दो लाख रुपये खर्च कराए गए और पूरी तरह ठीक होने की गारंटी दी गई। आरोप है कि बाद में जांच में पता चला कि गांठ केवल 50 प्रतिशत ही निकाली गई थी। इसके बाद दोबारा ऑपरेशन कर गांठ निकालने की बात कहकर फिर सर्जरी की गई।

अर्जुन का आरोप है कि दूसरे ऑपरेशन के आठ दिन बाद मरीज की आंत अंदर से लीक हो गई, जिसके बाद आंत बाहर निकाल दी गई। इस प्रक्रिया के लिए भी करीब 15 लाख रुपये वसूले गए। अस्पताल की ओर से फिर दावा किया गया कि अब कोई खतरा नहीं है।

हालांकि, पांच नवंबर को संतोष कुमार की हालत दोबारा बिगड़ने पर परिजन उन्हें बरेली के खुशलोक अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि दुबग्गा स्थित निजी कैंसर अस्पताल के डॉक्टर ने झूठे दावे कर जानबूझकर गलत इलाज किया और बार-बार ऑपरेशन कर उनके पिता की जान ले ली।

पीड़ित की शिकायत के आधार पर निजी अस्पताल संचालक और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दोषी मिलने पर अस्पताल के संचालन पर रोक लगाने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।

- डॉ. एनबी सिंह, सीएमओ

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