प्रधानमंत्री मोदी का नया ऑफिस आज से 'सेवा तीर्थ'... बदल गया PMO का पता, 78 साल बाद साउथ ब्लॉक छूटा
नई दिल्ली: मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आज 14 जनवरी 2026 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आधिकारिक दफ्तर (PMO) एक नए, आधुनिक परिसर में शिफ्ट हो रहा है। नया पता है – 'सेवा तीर्थ' कॉम्प्लेक्स। यह शानदार परिसर सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) के लिए अलग-अलग भव्य इमारतें बनाई गई हैं।
प्रधानमंत्री का नया ऑफिस 'सेवा तीर्थ-1' नामक बिल्डिंग में होगा, जिसमें आधुनिक वर्कस्पेस, स्टेट-ऑफ-द-आर्ट सुविधाएं और 'सेवा' की भावना को दर्शाने वाले सेरेमोनियल हॉल शामिल हैं।
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यह बदलाव ऐतिहासिक है क्योंकि स्वतंत्रता के बाद से 1947 में प्रधानमंत्री का दफ्तर साउथ ब्लॉक में ही रहा है। अब इस युग का अंत हो रहा है।
सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स की खासियतें
- कुल क्षेत्रफल: 2,26,203 वर्ग फुट
- निर्माण एजेंसी: लार्सन एंड टुब्रो (L&T)
- लागत: 1,189 करोड़ रुपये
- 'सेवा तीर्थ-2' में पहले से ही कैबिनेट सचिवालय पिछले साल सितंबर से काम कर रहा है।
- 'सेवा तीर्थ-3' में NSA का ऑफिस होगा।
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पुराना ऑफिस अब बनेगा संग्रहालय
PMO के खाली होने के बाद साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक को 'युगे युगीन भारत संग्रहालय' में तब्दील किया जाएगा। इसके लिए 19 दिसंबर 2024 को फ्रांस की एक प्रमुख म्यूजियम डेवलपमेंट एजेंसी के साथ तकनीकी सहयोग का समझौता हुआ था।
औपनिवेशिक विरासत से मुक्ति का संकल्प
यह शिफ्ट प्रधानमंत्री मोदी के उस विजन का हिस्सा है जो औपनिवेशिक प्रतीकों को समाप्त कर भारतीयता को मजबूत करने पर केंद्रित है। पहले राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ किया जा चुका है।
सेंट्रल विस्टा का बड़ा लक्ष्य
सरकार पूरे केंद्रीय सचिवालय को आधुनिक बना रही है। अलग-अलग जगहों पर बिखरे मंत्रालयों को एक ही स्थान पर लाने के लिए नए कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट भवन बन रहे हैं। इसी क्रम में पिछले साल अगस्त में कर्तव्य भवन का उद्घाटन हुआ, जहां कई मंत्रालय पहले से काम कर रहे हैं।
