ईरान में सत्ता विरोधी तूफान, कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन और संचार व्यवस्था चरमराई, अब तक 2000 लोगों की मौत  

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Published By Anjali Singh
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दुबई। ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,571 हो गई है। अमेरिका की एक मानवाधिकार संस्था ने बुधवार को यह जानकारी दी। अमेरिका की मानवाधिकार संस्था ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी’ ने ये आंकड़े बताए हैं। यह एजेंसी हाल के वर्षों में हुई हिंसक घटनाओं के दौरान सटीक जानकारी देने के लिए जानी जाती रही है और ईरान में मौजूद अपने समर्थकों के जरिए सूचनाओं का सत्यापन करती है। 

संस्था ने कहा कि मरने वालों में 2,403 प्रदर्शनकारी हैं और 147 सरकारी कर्मी हैं। संस्था ने बताया कि मारे गए लोगों में 12 बच्चे और नौ आम नागरिक भी शामिल हैं जो प्रदर्शनों में शामिल नहीं थे। संस्था ने बताया कि 18,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। 

ईरान में प्रदर्शन के कारण इंटरनेट बंद है जिससे स्थिति का सटीक आकलन करने में मुश्किल हो रही है। ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) मृतकों की संख्या की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है। ईरान की सरकार ने भी हताहतों की संख्या की जानकारी नहीं दी है। प्रदर्शन के दौरान मारे गए लोगों की यह संख्या ईरान में अब प्रदर्शनों में मारे गए लोगों की संख्या से कहीं अधिक है।

ईरान में स्टारलिंक प्रदान कर रहा है मुफ्त इंटरनेट 

उपग्रह इंटरनेट सेवा प्रदाता स्टारलिंक अब ईरान में मुफ्त इंटरनेट सेवा प्रदान कर रहा है। अमेरिका के मानवाधिकार संगठन के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को यह जानकारी दी। लॉस एंजिलिस में मौजूद एक कार्यकर्ता मेहदी याह्यानेजाद ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) को बताया कि मुफ्त इंटरनेट सेवा शुरू हो गई है। अन्य कार्यकर्ताओं ने भी ऑनलाइन संदेशों के माध्यम से पुष्टि की कि यह सेवा मुफ्त है। 

सेवा संचार के अन्य माध्यम बंद

याह्यानेजाद ने एक बयान में कहा, ‘‘हम पुष्टि कर सकते हैं कि स्टारलिंक की मुफ्त सेवा पूरी तरह से काम कर रही है। हमने ईरान के अंदर हाल में सक्रिय किए गए स्टारलिंक टर्मिनल का उपयोग करके इसका परीक्षण किया।’’ गत बृहस्पतिवार रात को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन बढ़ने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई शुरू होने के बाद से अधिकारियों ने इंटरनेट बंद कर दिया था जिसके बाद ईरानियों के लिए बाहरी दुनिया से संवाद करने का एकमात्र तरीका स्टारलिंक ही रहा है। हालांकि स्टारलिंक ने सेवाएं शुरु होने की पुष्टि नहीं की।

ईरान में हमारे कर्मचारी सुरक्षित हैं, सभी का पता लगा लिया गया है: UN 

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने कहा है कि ईरान में मौजूद संयुक्त राष्ट्र के 500 से अधिक कर्मचारी सुरक्षित हैं और सभी का पता लगा लिया गया है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि देशभर में फैली अशांति और सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की मौत के चलते कई कर्मचारी घर से ही काम कर रहे हैं। ईरान में संयुक्त राष्ट्र की टीम में 46 विदेशी और 448 स्थानीय कर्मचारी शामिल हैं।

वहीं ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव और वहां की संसद के पूर्व अध्यक्ष अली लारजियानी ने देश में हिंसक प्रदर्शनों में दखलंदाजी करने की ट्रंप की ताजा धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए मंगलवार को कहा कि ईरानी नागरिकों की मौत के जिम्मेदार अमेरिका और इजराइल होंगे। इस बीच, रूस के विदेश मंत्रालय ने ईरान पर हमले की अमेरिका की धमकी को “स्पष्ट रूप से अस्वीकार्य” बताया। 

मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में आगाह किया कि इस तरह के किसी भी हमले से पश्चिम एशिया और वैश्विक सुरक्षा के लिए “भयावह” परिणाम होंगे। मंत्रालय ने ईरान से व्यापार करने वालों पर व्यापार शुल्क बढ़ाने की अमेरिकी घोषणा को ‘ब्लैकमेल’ करने का प्रयास बताया। बयान में कहा गया है कि पश्चिमी देशों की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों के परिणामस्वरूप पैदा हुईं सामाजिक व आर्थिक समस्याओं के कारण ईरान में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। 

 ईरान के खिलाफ प्रतिबंध लगाने के लिए लाएगा कानून ब्रिटेन

ब्रिटेन ईरान के खिलाफ 'प्रतिबंध और क्षेत्रीय उपाय' लागू करने के लिए कानून लाएगा। संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स में बोलते हुए विदेश मंत्री सचिव यवेट कूपर ने कहा, "आगे के उपायों में वित्त, ऊर्जा, परिवहन, सॉफ्टवेयर और दूसरे महत्वपूर्ण उद्योगों को लक्षित किया जाएगा।" 

ईरान की अर्ध सरकारी तस्नीम न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय ने ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करने को लेकर सोमवार को ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और इटली के राजदूतों को तलब किया। बैठक के दौरान ईरानी अधिकारियों ने राजदूतों को 'दंगाइयों द्वारा की गई हिंसक गतिविधियों के वीडियो सबूत' दिखाये और कहा कि ये कार्रवाई शांतिपूर्ण प्रदर्शनों से कहीं ज़्यादा है। गौरतलब है कि पिछले महीने के आखिर में पूरे ईरान में विरोध प्रदर्शन शुरू हो रहे हैं।

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