UP: डीएम ने बीएसए और अल्पसंख्यक अधिकारी के वेतन रोकने के निर्देश
रामपुर, अमृत विचार। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में बुधवार को विकास भवन सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्राप्त अंकों और ग्रेडिंग के आधार पर विकास व निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में विकास व निर्माण कार्यों की धीमी गति के चलते जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई है।
समीक्षा के दौरान अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग विभाग की दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत छात्रों के आवेदन पत्रों को समय से फॉरवर्ड एवं अपलोड न किए जाने पर जिलाधिकारी ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का वेतन रोके जाने एवं कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा विद्यालयों का निरीक्षण न किए जाने पर उनका वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर उपलब्ध प्रगति रिपोर्ट के आधार पर विभिन्न विभागों की गहन समीक्षा की। समीक्षा में सेतु निगम, एनआरएलएम, आईसीडीएस, शिक्षा, बेसिक शिक्षा, पंचायती राज एवं उद्योग विभाग की प्रगति धीमी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। आईसीडीएस विभाग की प्रगति रिपोर्ट असंतोषजनक पाए जाने पर कार्य में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने जिले में 50 लाख रुपये से अधिक की लागत वाले निर्माण कार्यों की भौतिक प्रगति की समीक्षा करते हुए अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष कम व्यय करने वाली कार्यदायी संस्थाओं यूपी आरएसएस, यूपीपीसीएल, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग एवं यूपीआरएनएसएस पर नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चंद्र को निर्देशित किया। निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग कराते हुए गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित कराई जाए। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि सभी कार्यदायी संस्थाओं के साथ मासिक बैठक आयोजित की जाए, जिससे निर्माण कार्यों में अपेक्षित गति लाई जा सके। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित सभी योजनाओं एवं निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन विभागों की प्रगति धीमी पाई गई है, उन्हें कार्यों में तेजी लाने एवं नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि सभी विभाग अपने-अपने कार्यों की अद्यतन प्रगति समय से मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर अपलोड करें, जिससे योजनाओं की वास्तविक स्थिति की सतत निगरानी सुनिश्चित की जा सके। जिलाधिकारी ने नियोजन विभाग द्वारा कराए जा रहे एएसयूएस एवं पीएलएफएस सर्वे तथा 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए समस्त विभागों को निर्देश दिए कि अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित की जाए। प्रगति विवरण प्रेषित करते समय एकरूपता बनाए रखी जाए। बैठक में डीएफओ प्रणव जैन, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. दीपा सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
