यूपी में सर्दी के तेवर नरम: पश्चिमी विक्षोभ के असर से तापमान बढ़ने की उम्मीद, जानिए कब मिलेगी इस कड़कड़ाती ठंड से राहत 

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले करीब एक महीने से जारी कड़ाके की सर्दी के तेवर पश्चिमी विक्षोभ के असर से कुछ नरम पड़े हैं। बीते कुछ दिनों से शुरू हुआ खिली धूप का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण ठंड में कमी आई है और दिन में धूप निकलने से लोगों को ठिठुरन से काफी राहत मिली है। विक्षोभ के प्रभाव से अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि मेरठ, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़ और मुरादाबाद समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में शीतलहर की स्थिति में आंशिक सुधार देखा गया है। हालांकि बृहस्पतिवार रात तक शीतलहर बने रहने की संभावना है और कुछ स्थानों पर पाला पड़ सकता है। 

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले पांच से छह दिनों में पूरे राज्य में न्यूनतम तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस तक धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक 19 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी या छिटपुट बारिश हो सकती है। 

मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में घना से बहुत घना कोहरा छा सकता है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर भी घना कोहरा छा सकता है। पिछले 24 घंटों के दौरान लखनऊ में अधिकतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से लगभग एक डिग्री कम है। अन्य स्थानों पर मेरठ में न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री सेल्सियस, बरेली में 4.8 डिग्री, मुजफ्फरनगर में 4.0 डिग्री और मुरादाबाद में 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 

अगले 3 दिनों में दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून के खत्म होने के लिए स्थितियां अनुकूल 

मौसम विभाग ने बुधवार को बताया कि हालांकि दक्षिण तमिलनाडु में पूर्वोत्तर मानसून सक्रिय बना हुआ है, लेकिन आगामी तीन दिनों में दक्षिण भारत से मानसून के समाप्त होने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं। मौसम विभाग ने शाम को जारी ताजा अपडेट में कहा कि तमिलनाडु के कुछ स्थानों पर वर्षा दर्ज की गई, जबकि दक्षिण तमिलनाडु के कई इलाकों और उत्तर तमिलनाडु के कुछ स्थानों पर बारिश हुई। कराईकल क्षेत्र में बहुत हल्की बारिश हुई, वहीं पुडुचेरी में मौसम शुष्क बना रहा। 

मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर मानसून को सामान्यतः 30 दिसंबर 2025 तक लौट जाना चाहिए था, लेकिन यह जनवरी 2026 तक खिंच गया। इसके कारण बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र का गठन हुआ, जो बाद में दबाव और फिर गहरे दबाव में तब्दील हो गया। यह प्रणाली कमजोर होकर दो दिन पहले श्रीलंका के तट को पार कर गई।

मौसम विभाग ने कहा कि जनवरी महीने में बंगाल की खाड़ी में मौसम प्रणाली का बनना एक असामान्य घटना है, जिसे पूर्वोत्तर मानसून के जनवरी तक खिंचने से जोड़ा गया है। अब जब यह प्रणाली तट पार कर चुकी है, तो अगले तीन दिनों में पूर्वोत्तर मानसून के लौटने की संभावना है। 

मौसम विभाग ने कहा, "तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्र, केरल और माहे तथा समीपवर्ती तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आगामी तीन दिनों के दौरान पूर्वोत्तर मानसून की वर्षा के समाप्त होने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं।" 

मंगलवार को समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर मन्नार की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में बनी ऊपरी हवा की चक्रवाती परिसंचरण प्रणाली अब कमजोर पड़ गई है। अगले एक सप्ताह के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले दो दिनों तक तमिलनाडु के पश्चिमी घाट जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके बाद 20 जनवरी तक तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्र में शुष्क मौसम बने रहने की संभावना है।


ये भी पढ़ें : 
जंगल की दुनिया: एलियन जैसी शक्ल वाला मासूम प्राइमेट

 

 

संबंधित समाचार