मकर संक्रांति स्नान के लिए संगम में उमड़ा आस्था का ज्वार... 3 कंट्रोल सेंटर, 1800 बसें, रिंग रेल सेवा से संभाली रिकॉर्ड भीड़

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ/प्रयागराज, अमृत विचार: प्रयागराज के पवित्र संगम तट पर आयोजित माघ मेले में षटतिला एकादशी और मकर संक्रांति स्नान को लेकर अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। माघ मेला प्रशासन के अनुसार, बुधवार को भोर से ही श्रद्धालु संगम और आसपास के घाटों पर पहुंचने लगे। परंपरागत रूप से 14 जनवरी को ही मकर संक्रांति मानकर स्नान करने वालों की संख्या शाम तक 85 लाख को पार कर गई।

षटतिला एकादशी और अपराह्न बाद मकर संक्रांति के पुण्य मुहूर्त के संयोग से संगम क्षेत्र में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। श्रद्धालुओं की भारी मौजूदगी के बीच “हर-हर गंगे” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा मेला क्षेत्र गूंज उठा। माघ मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि दोपहर 12 बजे तक ही करीब 50 लाख श्रद्धालु स्नान कर चुके थे।

श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या को देखते हुए मेला प्रशासन पहले से ही सतर्क रहा। प्रशासन की ओर से 24 स्नान घाटों का निर्माण कराया गया है, जिनकी कुल लंबाई बढ़ाकर 3.69 किलोमीटर कर दी गई है। घाटों के किनारे महिलाओं के लिए 1200 से अधिक चेंजिंग रूम बनाए गए हैं। पहली बार पक्के घाटों के पास कैनोपी आकार के अस्थायी फोल्डिंग चेंजिंग रूम भी तैयार किए गए।

भीड़ की सतत निगरानी के लिए पहली बार तीन कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं- एक आईटी ट्रिपल-सी, दूसरा पुलिस लाइन और तीसरा जिला कलेक्ट्रेट में। इन कंट्रोल सेंटरों से ड्रोन और सीसीटीवी के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है।

रोडवेज–रेलवे समन्वय से सुगम आवागमन

श्रद्धालुओं के आवागमन को सुचारु बनाए रखने के लिए रोडवेज और रेलवे पूरी तरह एक्शन मोड में रहे। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के अनुसार, रोडवेज की 1800 बसों को लगाया गया है, जबकि क्यूआरटी टीमें हर आपात स्थिति से निपटने के लिए तैनात हैं। रेलवे की ओर से 8 रिंग रेल सेवाओं का संचालन पूरे मेला काल में किया जा रहा है। इसके अलावा 16 ट्रेनों को प्रयागराज रामबाग और झूसी स्टेशनों पर अस्थायी ठहराव दिया गया है। जंक्शन स्टेशन पर 1.20 लाख यात्रियों की क्षमता वाले 18 यात्री आश्रय स्थल बनाए गए हैं और 1186 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।

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