सही टाइम टेबल से बोर्ड परीक्षा में पाएं अच्छे मार्क्स
बोर्ड परीक्षाओं का समय नजदीक आते ही छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों की धड़कनें भी तेज हो जाती हैं। उत्तर प्रदेश बोर्ड और सीबीएससी बोर्ड ने 10 वीं और12 वीं कक्षा की परीक्षाओं में 1 माह का समय शेष है। फरवरी के मध्य से शुरू होने वाली इन परीक्षाओं के लिए अब केवल पढ़ना ही नहीं, बल्कि सही रणनीति के साथ पढ़े हुए का रिवीजन करना जरूरी हो गया है। इसके लिए एक सुव्यवस्थित टाइम टेबल सबसे अहम भूमिका निभाता है। बिना समय-सारिणी के पढ़ाई करना ठीक वैसा ही है, जैसे बिना दिशा-निर्देश के किसी अनजान रास्ते पर निकल पड़ना। सही टाइम मैनेजमेंट न सिर्फ पढ़ाई को आसान बनाता है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाता है।- नवनीत तिवारी, करियर काउंसर
सुबह करें पढ़ाई
परीक्षा की तैयारी के लिए दिन की शुरुआत का तरीका बेहद महत्वपूर्ण होता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सुबह का समय दिमाग के लिए सबसे अधिक सक्रिय और ग्रहणशील होता है। ऐसे में विद्यार्थियों को सुबह जल्दी उठने की आदत डालनी चाहिए। यदि संभव हो तो 4:30 या 5 बजे उठकर पढ़ाई शुरू करें। इस समय गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान या ऐसे विषय पढ़ना लाभकारी होता है, जिनमें ज्यादा एकाग्रता और सोच-विचार की जरूरत होती है। सुबह के शांत वातावरण में किया गया अध्ययन लंबे समय तक याद रहता है। हालांकि, लगातार पढ़ाई करने से मानसिक थकान हो सकती है, इसलिए दो घंटे की पढ़ाई के बाद छोटा सा ब्रेक लेना भी जरूरी है।
हर सब्जेक्ट को बराबर दें टाइम
अक्सर यह देखा जाता है कि छात्र अपने पसंदीदा विषयों पर ज्यादा ध्यान देते हैं और जिन विषयों में कमजोरी होती है, उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। यही गलती परीक्षा के समय भारी पड़ जाती है। एक संतुलित टाइम टेबल वह होता है, जिसमें हर विषय को उचित समय दिया जाए। यदि किसी विषय में समझ कमजोर है, तो उसके लिए अतिरिक्त समय निर्धारित करना समझदारी है। इससे धीरे-धीरे वह विषय भी आसान लगने लगता है और परीक्षा का डर कम होता है।
बीच-बीच में लें ब्रेक
पढ़ाई के दौरान ब्रेक लेना समय की बर्बादी नहीं, बल्कि जरूरत है। लगातार घंटों तक किताबों में डूबे रहने से दिमाग थक जाता है और याददाश्त पर भी असर पड़ता है। इसलिए हर दो घंटे के अध्ययन के बाद 10 से 15 मिनट का अंतराल जरूर रखें। इस दौरान हल्की स्ट्रेचिंग करें, थोड़ी देर टहलें या आंखों को आराम दें। यह छोटी-सी आदत आपकी एकाग्रता और कार्यक्षमता को बनाए रखती है।
प्रीवियर्स ईयर के पेपर साल्व करें
परीक्षा की तैयारी में रिवीजन की भूमिका सबसे अहम होती है। कई छात्र नया पढ़ने में तो समय लगाते हैं, लेकिन दोहराव को नजरअंदाज कर देते हैं। पढ़े हुए का रिवीजन रोज करें। इससे दिनभर पढ़ा हुआ विषय मन में स्थिर रहता है। वहीं केवल रिवीजन ही न करें. बल्कि मॉडल पेपर और पुराने पेपर पर भी हल करे ताकि परीक्षा पैटर्न और समय प्रबंधन दोनों पर पकड़ मजबूत हो सके।
पर्याप्त नींद
अंत में, यह समझना जरूरी है कि अच्छी पढ़ाई तभी संभव है, जब शरीर और मन दोनों स्वस्थ हों। पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और मोबाइल से दूरी परीक्षा की तैयारी में बड़ी भूमिका निभाते हैं। रोजाना 6 से 7 घंटे की नींद लें और जंक फूड से बचें। जब छात्र अनुशासित दिनचर्या के साथ पढ़ाई करता है, तो सफलता अपने आप उसके कदम चूमती है।
