इंटरनेट का आविष्कार
आज इंटरनेट हमारे दैनिक जीवन का अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। जानकारी प्राप्त करना, ई-मेल भेजना, वीडियो देखना, ऑनलाइन खरीदारी करना या दुनियाभर के लोगों से जुड़ना- ये सब इंटरनेट की बदौलत संभव हुआ है, लेकिन इसका विकास एक दिन में नहीं हुआ, बल्कि कई वैज्ञानिकों और दशकों के शोध का परिणाम है। इंटरनेट की शुरुआत 1960 के दशक में हुई। उस समय अमेरिका में शीत युद्ध का दौर था और अमेरिकी रक्षा विभाग चाहता था कि ऐसा संचार तंत्र बनाया जाए, जो किसी आपात स्थिति या हमले की स्थिति में भी काम करता रहे।
इसी उद्देश्य से अमेरिकी रक्षा विभाग की संस्था ARPA (Advanced Research Projects Agency) ने एक परियोजना शुरू की, जिसे ARPANET कहा गया। 1969 में ARPANET के माध्यम से पहली बार दो कंप्यूटरों को आपस में जोड़ा गया। पहला नेटवर्क कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजेलिस (UCLA) और स्टैनफोर्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट के कंप्यूटरों के बीच स्थापित हुआ। इसी घटना को इंटरनेट के जन्म की शुरुआत माना जाता है। इंटरनेट किसी एक व्यक्ति का आविष्कार नहीं है, बल्कि कई वैज्ञानिकों के योगदान का परिणाम है। फिर भी दो वैज्ञानिकों को इंटरनेट का प्रमुख जनक माना जाता है विंटन सर्फ और बॉब कान।
1970 के दशक में इन दोनों वैज्ञानिकों ने मिलकर TCP/IP (Transmission Control Protocol / Internet Protocol) नामक संचार प्रणाली विकसित की। यही तकनीक विभिन्न कंप्यूटर नेटवर्कों को आपस में जोड़ने का आधार बनी। 1 जनवरी 1983 को ARPANET ने आधिकारिक रूप से TCP/IP को अपनाया और यहीं से आधुनिक इंटरनेट की वास्तविक शुरुआत मानी जाती है।
वैज्ञानिक के बारे में
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विंटन सर्फ का जन्म 23 जून 1943 को अमेरिका के कनेक्टिकट राज्य के न्यू हेवन में हुआ था। बचपन से ही उन्हें गणित व विज्ञान में गहरी रुचि थी। उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से कंप्यूटर विज्ञान में पीएचडी की। सर्फ बचपन से आंशिक रूप से श्रवण बाधित थे, इसलिए उन्होंने संचार तकनीक के महत्व को बहुत करीब से महसूस किया। उन्होंने इंटरनेट के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया और उन्हें अक्सर “इंटरनेट का जनक” कहा जाता है।
वहीं बॉब कान का जन्म 23 दिसंबर 1938 को न्यूयॉर्क, अमेरिका में हुआ। उन्होंने सिटी कॉलेज ऑफ न्यूयॉर्क से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और प्रिंसटन विश्वविद्यालय से पीएचडी प्राप्त की। उन्हें बचपन से ही इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार तकनीक में रुचि थी। वैज्ञानिक के रूप में उन्होंने नेटवर्किंग तकनीक के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
