विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दिलाया भरोसा... सुरक्षित वापसी को लेकर उमर अब्दुल्ला का बयान, ईरान में फंसे हजारों भारतीय छात्र
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने ईरान में बदलते हालात को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात की और इस दौरान उन्हें आश्वासन दिया गया कि वहां फंसे केंद्र शासित प्रदेश के छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। भारत ने ईरान में रह रहे अपने सभी नागरिकों से उपलब्ध साधनों के जरिये उस देश से निकलने और वहां की यात्रा से बचने को कहा है।
बुधवार को यह परामर्श ऐसे समय में जारी किया गया जब ईरान में जारी राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर संभावित अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप को लेकर तनाव बढ़ रहा है। इन प्रदर्शनों में अब तक 2,500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘विदेश मंत्री एस जयशंकर से ईरान में बदलती स्थिति के बारे में अभी-अभी बात की। उन्होंने जमीनी हालात का अपना आकलन साझा किया और उन योजनाओं के बारे में बताया जिन पर विदेश मंत्रालय काम कर रहा है।’’
अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘मैं यह आश्वासन देने के लिए उनका आभारी हूं कि ईरान में इस समय मौजूद जम्मू-कश्मीर के छात्रों और अन्य लोगों के हितों एवं जीवन की सुरक्षा के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे।’’ ईरान में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों के अभिभावकों ने केंद्र से उनके बच्चों को वापस लाए जाने की अपील की है। कई अभिभावक यहां प्रेस एन्क्लेव में भी एकत्र हुए और सरकार से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।
अनुमानों के अनुसार, छात्रों सहित करीब 10,000 भारतीय इस समय ईरान में रह रहे हैं। ईरान में भारतीय दूतावास ने एक नया परामर्श जारी कर बदलते हालात के मद्देनजर छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों समेत वहां मौजूद भारतीय नागरिकों को वाणिज्यिक उड़ानों सहित परिवहन के उपलब्ध साधनों का इस्तेमाल करके देश छोड़ने को कहा है।
दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों (पीआईओ) को सावधानी बरतने, विरोध प्रदर्शनों या रैलियों वाले क्षेत्रों से बचने और भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने को कहा है। भारतीय नागरिकों से पासपोर्ट सहित अपने यात्रा और आव्रजन दस्तावेजों को तैयार रखने का भी आग्रह किया गया।
ईरान में ‘रेजिडेंट वीजा’ पर रह रहे भारतीयों को भी दूतावास में पंजीकरण कराने की सलाह दी गई। अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी’ (एचआरएएनए) के अनुसार, ईरान में पिछले कुछ दिनों में देशव्यापी प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,500 से अधिक हो गई है।
