बदली तस्वीर, आकांक्षात्मक विकास खंड अब प्रेरणा के केंद्र बने: शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और हरित ऊर्जा में दिख रहा यूपी का नया चेहरा

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Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश में आकांक्षात्मक विकास खंडों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का ठोस और परिणाम आधारित मॉडल जमीन पर उतरने लगा है। जिन क्षेत्रों को कभी पिछड़ेपन और बुनियादी सुविधाओं की कमी के लिए जाना जाता था, वे आज प्रेरणादायी विकास खंडों के रूप में उभर रहे हैं। केंद्र व राज्य सरकार से प्राप्त प्रोत्साहन राशि का सुनियोजित और पारदर्शी उपयोग कर शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, कौशल विकास और आधारभूत ढांचे में ठोस परिवर्तन दिखाई दे रहा है।

योगी सरकार की नीति का स्पष्ट फोकस है कि विकास कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों की जमीन पर दिखे। यही कारण है कि आकांक्षात्मक ब्लॉकों में सरकारी धन से आत्मनिर्भर विकास संरचना तैयार हो रही है, जिसका सीधा लाभ आम ग्रामीणों को मिल रहा है। ग्रामीण युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए मझगवां (बरेली) के ग्राम पंचायत बेहटा बुजुर्ग में मिनी स्टेडियम और ओपन जिम का निर्माण किया गया है। यह पहल युवाओं को खेलों से जोड़ने, नशामुक्त जीवनशैली अपनाने और अनुशासन विकसित करने में सहायक साबित हो रही है। खेल अधोसंरचना के जरिए गांवों में प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मंच मिल रहा है।

योगी सरकार की प्राथमिकताओं में बेटी की सुरक्षा और शिक्षा प्रमुख है। बदायूं के वजीरगंज विकास खंड में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में सीसी रोड और बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया गया है। इससे छात्राओं की सुरक्षा के साथ-साथ आवासीय सुविधा भी सुदृढ़ हुई है। यह कदम बालिकाओं के लिए सुरक्षित और अनुकूल शैक्षिक वातावरण सुनिश्चित करता है।

ऊर्जा के क्षेत्र में भी आकांक्षात्मक ब्लॉकों में हरित पहल दिखाई दे रही है। बलिया के सोहांव विकास खंड में विकास खंड कार्यालय भवन पर 10 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित किया गया है। इससे बिजली खर्च में कमी के साथ-साथ सरकारी कार्यालयों में ग्रीन एनर्जी मॉडल को बढ़ावा मिला है।

शिक्षा से सशक्तिकरण, गांवों में ज्ञान के नए केंद्र

शिक्षा के क्षेत्र में आकांक्षात्मक ब्लॉकों में नवाचार को प्राथमिकता दी जा रही है। बरेली के मझगवां विकास खंड में दो उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एस्ट्रोनॉमी लैब का निर्माण कराया गया है, जिससे ग्रामीण बच्चे आधुनिक विज्ञान और अनुसंधान से जुड़ पा रहे हैं। वहीं न्याय पंचायत गैनी में पुस्तकालय की स्थापना कर गांवों में ज्ञान और अध्ययन की संस्कृति को मजबूती दी गई है। स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय और डिजिटल संसाधन ग्रामीण शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा दे रहे हैं।

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