चंदौली : चंदौली सहित 6 जिलों को इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स की सौगात, CJI और CM योगी ने किया शिलान्यास

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Published By Virendra Pandey
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चंदौली, अमृत विचार : सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में चंदौली समेत प्रदेश के छह जिलों शामली, औरैया, महोबा, अमेठी और हाथरस में निर्माणाधीन 1500 करोड़ की लागत से इंटीग्रेटेड न्यायालय परिसर का शिलान्यास किया। इसके साथ ही सीजेआइ और सीएम योगी ने वकीलों को संबोधित भी किया है।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने शिलान्यास करने से पहले अपने संबोधन में कहा, ''एक बार जब ये (एकीकृत न्यायालय परिसर) बन जाएंगे, तो मुझे लगता है कि उत्तर प्रदेश पूरे भारत के लिए एक उदाहरण स्थापित करेगा। ये परिसर पूरे देश के लिए एक मानक बनेंगे।'' प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ''मैं जिस भी राज्य में जाऊंगा, गर्व और खुशी के साथ उत्तर प्रदेश का उदाहरण दूंगा। मैं संबंधित राज्य सरकार और उच्च न्यायालय से आह्वान एवं अपील करूंगा कि उस राज्य में भी यही सुविधा प्रदान की जाए।'' इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश ने यह भी कहा कि भारत का संविधान जिला न्यायपालिका को महत्वपूर्ण स्थान देता है। उन्होंने कहा कि एक सशक्त जिला न्यायपालिका की स्थापना से न्याय तक पहुंच के राष्ट्र के सपने की पूर्ति होगी। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने घरों के पास ही अदालती सुविधाएं मिलेंगी और यदि उन्हें उनके किसी कानूनी अधिकार से वंचित किया जाता है, तो वे अपने स्थानीय न्यायालयों में उन अधिकारों के लिए लड़ सकेंगे।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने यह भी कहा, ''प्रत्येक जिला न्यायालय में जहां हमारी बेटियां और बहनें वकालत करती हैं, वहां महिलाओं के लिए एक अलग बार रूम बनाया जाना चाहिए। दूसरा, मैं मुख्यमंत्री से अनुरोध करूंगा कि इस विशाल और सुंदर परिसर में जहां भी संभव हो, एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया जाए। कई बार मुवक्किल और अन्य लोग अदालत आते हैं, और उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, आपने जो व्यवस्थाएं की हैं, जैसे योग केंद्र और पार्क, वे उत्कृष्ट हैं।'' उन्होंने कहा, "यदि यह छोटी सी सुविधा भी जोड़ दी जाए, तो मुझे लगता है कि यह उन लोगों के लिए बहुत सुविधाजनक होगा, जिन्हें अचानक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। यह विशेष रूप से हमारे बुजुर्ग मुवक्किलों के लिए लाभकारी होगा।'' उन्होंने आगे कहा कि यह एकीकृत न्यायिक न्यायालय परिसर कम से कम अगले 50 वर्षों तक न्यायिक परिसर की आवश्यकताओं को सफलतापूर्वक पूरा करेगा।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ''सभी प्रकार की सुविधाओं से सुसज्जित यह न्यायिक न्यायालय परिसर वकीलों और सबसे महत्वपूर्ण रूप से वादकारियों- आम जनता, जो न्याय के अपने अधिकार की मांग करते हुए अदालत में आते हैं, को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं के दृष्टिकोण से अत्यंत प्रशंसनीय है।'' अपने भाषण का समापन करते हुए न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, ''मैं प्रार्थना करता हूं कि यह एकीकृत न्यायालय परिसर वास्तव में न्याय का मंदिर सिद्ध हो। यहां हमारे न्यायिक अधिकारी करुणा के साथ न्याय करेंगे और मानवीय मूल्यों को बनाए रखेंगे, और बार के सदस्य महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे और मुझे विश्वास है कि आप उस भूमिका को बखूबी निभाएंगे।'' 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए अत्यंत आवश्यक है कि हमारी न्यायपालिका उतनी ही सशक्त हो। आम आदमी को सरलता और सहजता के साथ न्याय प्राप्त हो, इसके लिए उतना ही उत्तम इंफ्रास्ट्रक्चर भी आवश्यक है। सरकार के पास न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कोई भी कार्य आते हैं तो व्यवस्था में कोई देर नहीं लगती। उन्होंने कहा, "मुझे प्रसन्नता है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले चरण में छह जनपदों के लिए धनराशि भेज दी है। डिजाइन स्वीकृत हो चुका है तथा सभी औपचारिकताएँ पूरी हो चुकी हैं।

आज मुख्य न्यायाधीश द्वारा जैसे ही भूमि-पूजन हो जाएगा, वैसे ही एलएंडटी जैसी विश्व-विख्यात संस्थाओं द्वारा निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।" मुख्यमंत्री ने कहा, " एक छत के नीचे कोर्ट कॉम्प्लेक्स तो होगा ही, साथ ही अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक चैंबर, न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधा, स्पोर्ट्स सुविधा, पार्किंग और कैंटीन की व्यवस्था भी होगी। अब ऐसा नहीं होगा कि न्याय के लिए संघर्ष करने वाले हमारे अधिवक्ता दिन की रोशनी में भी चैंबर में सूरज के दर्शन करते रहें। टूटे-फूटे चैंबर नहीं, बल्कि बेहतरीन सुविधाओं वाला एकीकृत कॉम्प्लेक्स होगा।" उन्होंने कहा कि चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस एवं औरैया-इन छह जनपदों के एकीकृत न्यायालय परिसर का शुभारंभ आज होगा। शेष चार अन्य जनपदों की सभी औपचारिकताएँ कुछ ही महीनों में पूरी कर ली जाएँगी। भारत के न्यायिक इतिहास में यह कार्य स्वर्णाक्षरों में अंकित होगा। इसकी शुरुआत मुख्य न्यायाधीश के कर-कमलों से आज होने जा रही है।

मुख्य न्यायाधीश के चंदौली पहुंचने से पहले अधिवक्ताओं ने बैठने को लेकर किया हंगामा 

उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शनिवार को प्रदेश के छह जिलों चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस एवं औरैया के एकीकृत न्यायालय परिसर के शुभारंभ के पहले अधिवक्ताओं ने बैठने की व्यवस्था को लेकर जमकर हंगामा किया। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि 28 वर्षों की जद्दोजहद के बाद ऐसा मौका आया है, लेकिन कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं को आगे बिठा दिया गया है, जबकि अधिवक्ताओं को पीछे बैठाया जा रहा है। शोर-गुल सुनकर मौके पर कई अधिकारी अधिवक्ताओं से संवाद करने पहुंच गए। चंदौली सिविल बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमित कुमार सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम मूल रूप से अधिवक्ताओं का है। चंदौली जिले के पदाधिकारियों को पीछे बैठा दिया गया है, जबकि अन्य जनपदों के लोगों को आगे की सीटें दी जा रही हैं।

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