PM मोदी ने मालदा से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, कहा- भारत को जोड़ना हमारी प्राथमिकता

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Published By Deepak Mishra
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मालदा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को हावड़ा से गुवाहाटी के बीच चलने वाली देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को रवाना किया और कहा कि भारत को जोड़ना उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। पीएम मोदी ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाने से पहले यहां विद्यार्थियों से बात भी की। इस दौरान कुछ विद्यार्थियों ने मोदी को पेंटिंग भेंट कीं। प्रधानमंत्री ने ट्रेन में केंद्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों से बातचीत की। 

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि पहले लोग दूसरे देशों की आधुनिक ट्रेनों को देखकर आस लगाया करते थे कि भारत में भी ऐसी ट्रेनें हों। अब वह सपना सच हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मां दुर्गा और मां कामाख्या की भूमि को जोड़ रही है। उन्होंने इसके लिये पश्चिम बंगाल और असम के लोगों को बधाई दी। श्री मोदी ने कहा कि रेलवे कायाकल्प के दौर से गुज़र रहा है। आज पश्चिम बंगाल सहित देश में 150 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। आधुनिक और तेज गति से चलने वाली ट्रेनों का एक नेटवर्क बन रहा है। पश्चिम बंगाल के गरीब और मध्यम वर्ग परिवारों को इसका फायदा हो रहा है।

 प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल को मिली चार अन्य वंदे भारत ट्रेनों का ज़िक्र करते हुए कहा कि जो लोग बंगाल और पूर्वी भारत की यात्रा के लिये देश के अलग-अलग हिस्सों से आते हैं, ये ट्रेनें उनके सफर को आसान बनायेंगी। आज भारतीय रेल आधुनिक होने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भी हो रही है। भारत के रेल इंजन, डिब्बे और मेट्रो कोच भारत की तकनीक की पहचान बन रहे हैं। आज हम अमेरिका और यूरोप से ज्यादा लोकोमोटिव बना रहे हैं। दुनिया के कई देश पैसेंजर कोच और मेट्रो कोच आयात कर रहे हैं। इससे अर्थव्यवस्था को लाभ और युवाओं को रोजगार मिल रहा है। 

उन्होंने कहा कि भारत को जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है, और यह आज के कार्यक्रम में दिखता भी है। इससे पूर्व, प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था कि 'आधुनिक भारत की बढ़ती परिवहन ज़रूरतों' को पूरा करने के लिए बनायी गयी पूरी तरह से वातानुकूलित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन यात्रियों को किफायती किराये पर एयरलाइन जैसा यात्रा का अनुभव देगी। यह लंबी दूरी की यात्राओं को तेज़, सुरक्षित और ज़्यादा सुविधाजनक बनायेगी। 

बयान में कहा गया कि यह ट्रेन हावड़ा-गुवाहाटी (कामाख्या) रूट पर यात्रा का समय लगभग 2.5 घंटे कम करेगी और धार्मिक यात्रा एवं पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा देगी। यह ट्रेन अपना पूरा सफर 14 घंटे में पूरा करेगी। रेलवे मंत्रालय के बयान के अनुसार यह देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन है। वंदे भारत शृंखला की स्लीपर ट्रेनों को लंबी दूरी की यात्राओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। 

हावड़ा-गुवाहाटी मार्ग पर चलने वाली सरायघाट एक्सप्रेस जहां पूरे सफर में 17 घंटे लेती है, वहीं वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का निर्धारित समय 14 घंटे होगा। स्लीपर ट्रेनसेट में 16 वातानुकूलित कोच हैं, जिसमें एक एसी फर्स्ट क्लास, चार एसी टू-टियर और 11 एसी थ्री-टियर शामिल हैं। ट्रेन की कुल क्षमता लगभग 823 यात्रियों की है। आधिकारिक बयान के अनुसार, स्वदेशी रूप डिज़ाइन की गयी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने कोटा-नागदा मार्ग पर किये गये हाई-स्पीड ट्रायल में 180 किमी प्रति घंटे तक रफ्तार पकड़ ली थी।

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