Gonda Scam: यूपी कोऑपरेटिव बैंक घोटले का मुख्य आरोपी शाखा प्रबंधक गिरफ्तार, जानें पूरा मामला

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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गोंडा। गोंडा जिले में यूपी कोऑपरेटिव बैंक से जुड़े 21 करोड़ रुपये के बहुचर्चित घोटाले के मुख्य आरोपी और तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार विशेष ऑडिट और बैंक की आंतरिक जांच रिपोर्ट में बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। 

अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) मनोज कुमार रावत ने बताया कि चार्टर्ड अकाउंटेंट से कराए गए विशेष ऑडिट और बैंक की जांच में खुलासा हुआ था कि भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों और बैंक की आंतरिक नीतियों की अनदेखी कर तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल ने कुछ कर्मचारियों और अन्य लोगों के साथ मिलकर एक गिरोह बनाया।

उन्होंने बताया कि इस गिरोह के जरिये अनियमित रूप से ऋण वितरित कर 21 करोड़ 47 लाख 78 हजार रुपये का गबन किया गया। इस संबंध में नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रावत ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि पाल ने बैंक के अन्य कर्मचारियों और कुछ खाताधारकों के साथ मिलकर सुनियोजित ढंग से गबन किया। पुलिस के मुताबिक, आरोप है कि उसने अपने साथ-साथ अपनी मां, पत्नी और पुत्र के खातों का भी दुरुपयोग किया।

 दिसंबर 2021 से जून 2025 के बीच ऋण वितरण के नाम पर विभिन्न खातों से धनराशि निकालकर निजी खातों में अंतरित की गई। रावत ने बताया कि प्राथमिकी में कुल 16 लोगों को नामजद किया गया है। मामला बड़े घोटाले से जुड़ा होने के कारण इसकी उच्च स्तरीय समीक्षा की जा रही है। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी को नगर कोतवाली पुलिस ने मनकापुर बस स्टॉप से गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। 

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