लोक अदालत में 4.81 लाख से अधिक वादों का निस्तारण, 65.97 करोड़ की वसूली

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार : जन सामान्य को त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लखनऊ में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। प्रशासनिक न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान के नेतृत्व में संपन्न अदालत में कुल 4,81,112 वादों का निस्तारण करते हुए 65,97,32,278 रुपये की वसूली की गई।

पुराने उच्च न्यायालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। न्यायाधीश लखनऊ मलखान सिंह ने प्रशासनिक न्यायमूर्ति का स्वागत किया। इस मौके पर हेल्थ कैंप और रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया। इसी अवसर पर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, पारिवारिक न्यायालय, वाणिज्यिक न्यायालय और उपभोक्ता फोरम में लंबित 19,546 वादों का निस्तारण कर 52 करोड़ 33 लाख 11,412 रुपये वसूल किए गए।

प्री-लिटिगेशन स्तर पर राजस्व, बैंक रिकवरी और वैवाहिक विवाद सहित 4,61,566 मामलों का निस्तारण कर 13 करोड़ 64 लाख 20,866 रुपये की वसूली की गई। इससे लखनऊ में बड़ी संख्या में वादकारियों को त्वरित न्याय और राहत मिली।

108 वादों में 7.56 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित

उच्च न्यायालय लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 108 वादों का निस्तारण किया गया और सात करोड़ 56 लाख 17 हजार 451 रुपये का मुआवजा वादकारियों को वितरित किया गया।

1.21 करोड़ से अधिक वादों का निस्तारण

राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निस्तारण अभियान आयोजित हुआ। उप्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव मनु कालिया ने बताया कि प्री-लिटिगेशन श्रेणी के 1,12,94,748 वाद और न्यायालयों में लंबित 8,16,093 वादों का निस्तारण किया गया। कुल मिलाकर 1,21,10,841 वादों का समाधान किया गया। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वादों के निस्तारण की अंतिम संख्या अभी प्राप्त होना शेष है।

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