जालौन में शिक्षा की अनूठी पहल : ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की प्रेरणा से छानी गांव के बुजुर्ग बस्ता लेकर पहुंचे स्कूल

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद में शिक्षा को लेकर एक प्रेरणादायी पहल सामने आई है, जहां ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही की प्रेरणा से बुजुर्ग भी अब शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ने लगे हैं। तहसील क्षेत्र के ग्राम छानी स्थित प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को पांच बुजुर्गों का विधिवत प्रवेश कराकर ग्रामीणों ने समाज के सामने एक नई मिसाल पेश की। इस पहल की क्षेत्र भर में सराहना की जा रही है।

बुजुर्ग विद्यार्थी जब स्कूल ड्रेस पहनकर और कंधों पर बैग टांगकर प्राथमिक विद्यालय पहुंचे तो विद्यालय परिसर का माहौल भावुक और उत्साहपूर्ण हो गया। विद्यालय परिवार, ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पहली बार स्कूल पहुंचे बुजुर्गों के चेहरों पर पढ़ने-लिखने की खुशी साफ झलक रही थी। विद्यालय में बच्चों के साथ बुजुर्गों को भी कक्षाओं में बैठाया गया।

शिक्षकों ने उन्हें अक्षरों और शब्दों की पहचान कराते हुए पढ़ाई की शुरुआत कराई। कोई बुजुर्ग पहली बार अपनी कॉपी पर नाम लिखने का प्रयास करता दिखाई दिया तो कोई हिंदी वर्णमाला सीखता नजर आया। इस दौरान बच्चों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।

ग्रामीणों ने बताया कि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही लगातार शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक बदलाव को लेकर लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। उनकी सोच से प्रभावित होकर गांव के लोगों ने निर्णय लिया कि जिन बुजुर्गों को बचपन में शिक्षा का अवसर नहीं मिल पाया, उन्हें अब पढ़ने-लिखने का मौका दिया जाए। 

विद्यालय के शिक्षकों ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि शिक्षा प्राप्त करने की कोई उम्र नहीं होती। यदि सीखने की इच्छा और जिज्ञासा हो तो व्यक्ति किसी भी उम्र में नई शुरुआत कर सकता है। छानी गांव की यह अनूठी पहल अब पूरे क्षेत्र में प्रेरणा का केंद्र बनती जा रही है और ग्रामीण शिक्षा अभियान को नई दिशा देने वाली मिसाल के रूप में देखी जा रही है। 

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