आजमगढ़ में 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर कारोबारी से 38 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 'डिजिटल अरेस्ट' का भय दिखाकर एक कारोबारी से 38 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में चंडीगढ़ पुलिस ने आजमगढ़ के कुर्मी टोला निवासी युवक को गिरफ्तार कर लिया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर चंडीगढ़ ले जाया गया।
पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच चंडीगढ़ पुलिस ने शनिवार को आजमगढ़ शहर के कुर्मी टोला निवासी स्पर्श सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने चंडीगढ़ के एक कारोबारी को 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर उनसे 38 लाख रुपये ठग लिए थे।
जानकारी के अनुसार घटना की शुरुआत पिछली सात जनवरी को हुई, जब पीड़ित कारोबारी को एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एक जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए कहा कि कारोबारी के आधार कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है और इस मामले की जांच मुंबई पुलिस कर रही है। जालसाज ने कारोबारी को यह कहकर डराया कि उन्हें किसी भी समय गिरफ्तार किया जा सकता है।
आरोपी ने 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर पीड़ित को वीडियो कॉल और फोन के माध्यम से लगातार मानसिक दबाव में रखा। गिरफ्तारी और सामाजिक बदनामी के डर से घबराए कारोबारी ने आरोपी के बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में कुल 38 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने चंडीगढ़ के साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
विवेचना अधिकारी गुरविंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच की, जिससे आरोपी का सुराग आजमगढ़ तक पहुंचा। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस की टीम आजमगढ़ पहुंची और स्थानीय कोतवाली पुलिस की मदद से दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) सत्यवीर सिंह की अदालत में पेश किया गया।
चंडीगढ़ पुलिस ने पूछताछ और बरामदगी के लिए पांच दिन की ट्रांजिट रिमांड की मांग की थी। अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी को शनिवार शाम पांच बजे से 10 मार्च की शाम 5 बजे तक ट्रांजिट रिमांड पर चंडीगढ़ पुलिस को सौंप दिया। पुलिस टीम आरोपी को लेकर चंडीगढ़ रवाना हो गई है, जहां उससे गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की रकम की बरामदगी के संबंध में पूछताछ की जाएगी।
