BOB का बैंक मित्र निकला बड़ा जालसाजः 50 लोगों से करोड़ों ठगे, दो लोग गिरफ्तार

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Published By Muskan Dixit
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2020 से बैंक में तैनात रहे कर्मियों, तत्कालीन मैनेजर की भूमिका की भी जांच होगी

जाली एफडी देकर अब तक 32 लोगों से डेढ़ करोड़ रुपये ठगने की हो चुकी है पुष्टि

लखनऊ, अमृत विचार: मोहान रोड स्थित शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय परिसर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी)
के खाता धारकों को जाली एफडी देकर करोड़ों रुपये हड़पने वाले बैंक मित्र शिवा राव को पारा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने 50 से अधिक लोगों के साथ धोखाधड़ी की, जिसमें 17 महिलाओं समेत 24 लोगों ने तहरीर दी थी। आरोप लैपटॉप, प्रिंटर और स्कैनर की मदद से घर में फर्जी एफडी तैयार करता था। पुलिस ने आरोपी के एक सहयोगी को भी हिरासत में लिया है। पुलिस वर्ष 2020 से बैंक में तैनात रहे बैंककर्मियों और तत्कालीन मैनेजर की भूमिका की भी जांच कर रही है। अबतक 32 लोगों से डेढ़ करोड़ की ठगी की पुष्टि हुई है।

इंस्पेक्टर सुरेश सिंह ने बताया कि आरोपी शिवा राजाजीपुरम का रहने वाला है। वह करीब 10 साल से यहां बैंक मित्र का काम कर रहा था। वह ग्राहकों के छोटे-बड़े कार्य कर उनका विश्वास जीत लेता था। अधिकतर ग्राहक बैंक से जुड़े काम शिवा के माध्यम से ही कराते थे। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसने कम पढ़े-लिखे और भोले-भाले ग्राहकों को निशाना बनाया। पीड़ित राम सिंह यादव निवासी सलेमपुर पतौरा समेत 24 खाता धारकों की सम्मिलित तहरीर पर बैंक मित्र शिवा के अलावा 2020 से बैंक में तैनात रहे बैंककर्मियों एवं मैनेजर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गयी थी। जिसमें करीब 1.20 करोड़ की ठगी बतायी गयी थी।

जांच अधिकारी ओम प्रकाश मिश्रा द्वारा छह अन्य पीड़ितों का नाम बढ़ा दिया गया है। आरोपी शिवा राव ने पूछताछ में बताया कि दुबग्गा के बरावन कलां निवासी दीपक भी शिवा का फर्जीवाड़े में साथ देता था। दीपक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शिवा को सोमवार को जेल भेज दिया जाएगा। बैंक के अधिकारियों से पत्राचार कर 2020 से बैंक में तैनात रहे बैंककर्मियों एवं मैनेजर की भी भूमिका की जांच की जा रही है। इंस्पेक्टर का कहना है कि यदि जांच में बैंककर्मियों की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घोटाले के खुलासे से बैंकिंग व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्राहकों को बताता था नई स्कीम, ठगी की रकम शेयर में लगायी

इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी शिवा ने कबूला कि उसने बैंक के कर्मचारियों और अधिकारियों से बहुत अच्छे संबंध बनाकर उनका विश्वास जीत लिया था। वह किसी के भी लैपटाप और कंप्यूटर पर बैठकर काम करने लगाता था। इसी तरह बैंक में आने वाले हर ग्राहक के पास पहुंचा। उनका फार्म भरने लगता। रुपयों के ट्रांजेक्शन में उनकी मदद करता था। वह लोगों को झांसे में लेने के लिए उन्हें तरह तरह की बचत स्कीम बताता था। इस कारण तमाम ग्राहक उसे रुपये जमा करने और एफडी के लिए रुपये देते तो वह फर्जी एफडी का प्रिंट निकालकर दे देता था। उसके बाद पीड़ितों की रकम शेयर मार्केट में लगा देता था।

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