प्लाॅट पर कब्जे के प्रयास में पथराव और फायरिंग, मची अफरा-तफरी... फायरिंग होने पर दुकान छोड़कर भागे
एसडीएम को जांच भेज दोनों पक्षों को किया गया था पाबंद
लखनऊ, अमृत विचार: एसीपी काकोरी कार्यालय से चंद कदमों की दूरी पर स्थित निर्माणाधीन प्लाॅट पर कब्जे के प्रयास और रंगदारी की मांग को लेकर दबंगों ने दिनदहाड़े जमकर तांडव मचाया। दबंगों ने प्लाॅट पर काम कर रहे मजदूरों पर पथराव करते हुए कई राउंड फायरिंग की। फायरिंग से वहां अफरा-तफरी मच गई और मजदूर जान बचाकर इधर-उधर भागे। हमले में एक मजदूर घायल हो गया। बवाल की सूचना मिलने पर तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपित भाग चुके थे। पुलिस ने दस नामजद समेत 15 पर रिपोर्ट दर्ज कर सीसी फुटेज की मदद से जांच कर आरोपियों की तलाश शुरु कर दी है।
अमीनाबाद निवासी फहम जहीर की दुबग्गा सब्जी मंडी में नींबू की आढ़त है। उनका एसीपी काकोरी कार्यालय स्थित केनरा बैंक के पास 8000 वर्ग फीट का प्लाट है। जिसकी कीमत वर्तमान में करीब 8 करोड़ रुपये हैं। पीड़ित ने प्लॉट वर्ष 1988 में लिया था। दो माह पूर्व एलडीए से नक्शा पास कराकर उन्होंने निर्माण कार्य शुरू किया था। पीड़ित का दावा है कि बेगरिया गांव निवासी इस्लाम उर्फ ओलू, सुफियान, सत्येन्द्र रावत, विक्रांत साहू, सौरभ रावत, सनी खान और मूसा उक्त प्लॉट को अपना बता रहे हैं। इस बात को लेकर कई बार विवाद भी हुआ। लेखपाल ने विवाद को हल भी कर दिया था। पीड़ित फाहम का आरोप है कि इसके बाद भी प्लॉट पर कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। यहीं नहीं प्लॉट पर विवाद न करने के एवज में 30 लाख रंगदारी मांगी रहे थे।
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रविवार दोपहर को मजदूर प्लाॅट पर निर्माण कार्य कर रहे थे। तभी बाजार की ओर से आए करीब एक दर्जन लोगों ने हमला बोल दिया। आरोप है कि दबंगों ने टीन शेड तोड़कर ईंटों से हमला करते हुए हवाई फायरिंग की। गोलियों की आवाज से इलाके में भगदड़ मच गई। मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई। हमले में मजदूर टिंकू के पैर में चोट आई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए। पीड़ित का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बीते शुक्रवार की रात भी दबंगों ने प्लाॅट पर रुके मजदूरों के साथ मारपीट की और हवाई फायरिंग की थी, जिसमें मजदूर संतु और महेंद्र घायल हो गए थे। आरोप है कि शिकायत के बाद भी पुलिस ने बिना रिपोर्ट दर्ज किए पीड़ित को लौटा दिया था। पीड़ित के साथ थाने पहुंचे खुद को पार्षद का प्रतिनिधि बताने वाले पुष्पेंद्र लोधी ने पुलिस पहले कार्रवाई करती तो यह न होता। इंस्पेक्टर अभिनव कुमार वर्मा ने बताया कि प्लॉट पर गाटा संख्या को लेकर दो पक्षों में विवाद चल रहा था। दोनों पक्ष की तरफ से मिली शिकायत को एसडीएम को जांच के लिए भेजने के साथ ही 107-116 से पाबंद करते हुए निर्माण रोकने के लिए कहा था। फिर भी निर्माण शुरु करने पर विवाद किया गया है।
जिला बदर रहे आरोपी ने कराया विवाद
स्थानीय लोगों ने बताया कि प्लॉट को विक्रांत साहू व तीरथ ने अपना बताते हुए विवाद खड़ा किया था। जांच में सामने आया कि उक्त दोनों ने जिला बदर रहे मूसा ने सुफियान, सत्येंद्र रावत, इस्लाम उर्फ ओलू और सौरभ रावत की मदद से किया है। बताया जा रहा है कि अपराधी मूसा ऐसी ही जमीनों को चिन्हित कर विवाद कराता है और फिर रुपये लेकर पीछे हो जाता है।
