लखनऊ : छुट्टी के दिन अब नहीं कटेगी बिजली, स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार : राजधानी में स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं की मनमाने तरीके से बिजली कटौती पर पावर कॉर्पोरेशन ने सख्ती से अंकुश लगा दिया है। अब ऐसे उपभोक्ताओं की बिजली छुट्टी के दिन और तय समयावधि के बाहर ऑटोमैटिक नहीं काटी जाएगी। इस संबंध में पावर कॉर्पोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) प्रशांत वर्मा ने 16 जनवरी को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी किया है, जिसे मध्यांचल समेत सभी विद्युत वितरण निगमों में सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश से राजधानी लखनऊ में करीब डेढ़ लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड बिजली उपभोक्ताओं को सीधी राहत मिलेगी। एसओपी के तहत शाम छह से रात आठ बजे के बीच, प्रत्येक माह के द्वितीय शनिवार और हर रविवार को किसी भी स्थिति में बिजली काटने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है।

तीन दिन का मिलेगा इमरजेंसी क्रेडिट

एसओपी के अनुसार, स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को तीन दिन का इमरजेंसी क्रेडिट दिया जाएगा। यानी बैलेंस खत्म होने के बाद भी तीन दिन तक बिजली सप्लाई जारी रहेगी। वहीं यदि इन तीन दिनों के बाद द्वितीय शनिवार, रविवार या कोई राष्ट्रीय अवकाश पड़ता है, तो भी बिजली नहीं काटी जाएगी, लेकिन अवकाश के बाद पहले कार्य दिवस में रिचार्ज न करने पर बिजली कनेक्शन को काटने की कार्रवाई की जा सकेगी।

सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक ही होगी कटौती

एसओपी में यह भी साफ किया गया है कि जिन स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं का बैलेंस खत्म हो चुका है और वे रिचार्ज नहीं कर रहे हैं, उनकी बिजली केवल सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही काटी जा सकेगी। इससे उपभोक्ताओं को रिचार्ज कराने और एजेंसियों को कनेक्शन दोबारा जोड़ने में आसानी होगी।

प्रबंध निदेशक जारी करेंगे अवकाश सूची

स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं की मॉनीटरिंग करने वाली एजेंसियों पर नियंत्रण के लिए प्रत्येक बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक अवकाश की सूची जारी करेंगे। इसके साथ ही एजेंसियों के जिम्मेदार अधिकारियों के साथ बैठक कर एसओपी का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। नियमों के उल्लंघन पर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

ऐसे होगा बकाये का समायोजन

यदि किसी उपभोक्ता का मीटर प्रीपेड होने से पहले 5 हजार रुपये का बिजली बिल बकाया है और वह 1000 रुपये का रिचार्ज कराता है, तो उसमें से 500 रुपये पुराने बकाये में समायोजित हो जाएंगे। शेष 500 रुपये ही उपभोक्ता के मीटर में बैलेंस के रूप में मौजूद रहेंगे। यह प्रक्रिया तब तक चलती रहेगी, जब तक पुराने बकाया के पूरी तरह समायोजन नहीं हो जाता। पावर कॉर्पोरेशन की इस नई एसओपी से स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को न केवल बिजली कटौती से राहत मिलेगी, बल्कि व्यवस्था में पारदर्शिता और उपभोक्ता हितों की भी बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

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