कानपुर : गैस एजेंसियों पर लंबी- लंबी कतारें, कई होटल व रेस्टोरेंट में ताले

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Published By Virendra Pandey
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कानपुर, अमृत विचार : अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की चिंगारी अपने शहर में भी पहुंच चुकी है। कामर्शियल गैस की आपूर्ति रोके जोने से एक ओर जहां शहर के कई होटल एवं रेस्टोरेंट बंद हो गये हैं जबकि घरेलू सिलेंडर के लिए मारामारी शुरु हो गयी है और मारपीट की नौबत है।

नजीराबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जेके मंदिर के पीछे वाली सड़क पर गैस एजेंसी पर सुबह 6 बजे से ही सिलेंडर लेने के लिए लंबी लाइन लग गई जिससे ये सड़क जाम हो गयी। स्थिति ये रही कि सुबह 10 बजते बजते एजेंसी पर मारपीट की नौबत आ गई। यहां कई घंटे लाइन में लगकर पर्ची बनवाने के बाद वहीं से थोड़ी दूर पर गैस सिलेंडर लेने के लिए फिर लाइन में लगना पड़ रहा है। इसी प्रकार शहर के सभी गैस एजेंसियों का बुरा हाल है। रमजान, शादी की सहालग के चलते लोग काफी परेशान हैं।

सिलेंडर की धड़ल्ले से चल रही कालाबाजारी

घरेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी शुरु हो गयी है। तमाम लोग गैस की कमी का पूरा लाभ उठा रहे हैं। छोटा सिलेंडर पहले 120 रुपये में भरता था लेकिन अब ये सिलेंडर 200 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है, वह भी चोरी से, यदि आपकी पहचान है, तभी आपको सिलेंडर मिलेगा, वरना चक्कर लगाते रहिये।  

बारातियों की संख्या कम, कैटरिंग वालों ने हाथ खड़े किये 

इस समय शादी की सहालग चल रही है और ऐसे में अचानक कामर्शियल गैस सिलेंडर का आपूर्ति बंद हो गयी है। यह सहालग(शादियों) का जबरदस्त सीजन है ,कैटरिंग करने वाले लोगों के सामने भी दिक्कत है। तथा जिनके घरो में हलवाई लगे हैं वह मिठाई बनवाने और खाना बनवाने के लिए सिलेंडर की व्यवस्था करने में असमर्थ है। तमाम लोगों ने अपने रिश्तेदारों को मैसेज भेज कर बाराती और घरातियों की संख्या कम करने का आग्रह किया है। कैटेरिंग का ठेका लेने वाले बेहद परेशान हैं। कहां से कैसे सिलेंडर लें, उनके कुछ में नहीं आ रहा है

दुकानदारों ने ठेला-खोमचा समेटना शुरु कर दिया 

कृष्णा नगर के पूर्व पार्षद एवं व्यवसाई  मदन लाल भाटिया का कहना है कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर इंडियन ऑयल कार्पोरेशन द्वारा लगाई गई रोक से 35 प्रतिशत दुकाने बंद हो गई है। ठेले खोमचे वालो ने अपना व्यापार समेटना शुरू कर दिया है। इस  किल्लत के चलते कानपुर शहर की सैकड़ो दुकान बंद होने की स्थिति में है। जिससे लाखों लोगों को रोजगार मिलना बंद हो जाएगा। उनका कहना है कि शहर के तमाम स्कूलों ,कॉलेजों में चल रहे हॉस्टलों से बच्चों को घर जाने को कह दिया गया है और हॉस्टल में रहने वाले बच्चों का खाना गैस की किल्लत के कारण नहीं बन पा रहा। व्यापारी स्वयं अपने विकल्पों पर विचार कर रहा है,या तो पुनः कोयले की भट्टियां प्रारंभ की जाए,डीजल भट्टी की व्यवस्था की जाए,या जिला प्रशासन और सीयूजीएल से बात करके जिन इलाकों में पीएनजी गैस लाइन है वहां से कमर्शियल कनेक्शन लिए जाए। बहुत से छोटे व्यवसाई  किसी भी प्रकार की व्यवस्था करने में अपने आप को असमर्थ पा रहे हैं जिससे छोटी दुकान बंद होने का अंदेशा है। 

गैस की समस्या तो कॉल सेंटर पर तुरंत फोन घुमाएं 

अपर जिलाधिकारी (सिविल सप्लाई) राजेश कुमार ने बताया कि एलपीजी गैस आपूर्ति से संबंधित समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक कॉल सेंटर स्थापित किया गया है। इस कॉल सेंटर का दूरभाष नंबर 0512-2988763 या फिर 6394616122 व्हाट्सएप पर एलपीजी गैस आपूर्ति से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं तथा कालाबाजारी से संबंधित सूचनाएं भी उपलब्ध करा सकते हैं। प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों एवं सूचनाओं पर संबंधित विभाग द्वारा तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

24 घंटे का हेल्पलाइन: पूर्ति निरीक्षकों से संपर्क करें 
प्रात: 7 से 3 बजे तक इनकी ड्यूटी 
       नाम                      मोबाइल            
॰ राजेंद्र रंजन            9956471749  
॰ सुधा सिंह               9415475572  
॰ मोनिका यादव         8737062811 
दोपहर 3 बजे से रात 11 बजे तक
॰ सचिन श्रीवास्तव      7499728292
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