आलू किसानों को मिलेगा बेहतर मूल्य, घबराने की जरूरत नहीं : दिनेश प्रताप

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Published By Virendra Pandey
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बाराबंकी, अमृत विचार : उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में अयोध्या मण्डल, अयोध्या और देवीपाटन मण्डल के आलू कृषक और हितधारकों के बीच क्रेता-विक्रेता सम्मेलन डीआरडीए गांधी सभागार में आयोजित किया गया। बैठक में उद्यान मंत्री ने बताया कि आलू विपणन की बहुत संभावनाएं हैं और किसानों को वर्तमान दरों से घबराने की आवश्यकता नहीं है।

मंत्री ने सलाह दी कि किसान अपने आलू अन्य राज्यों जैसे उड़ीसा और आंध्र प्रदेश भेजकर बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने किसानों, शीतगृह स्वामियों और उद्यमियों से भी बातचीत की। सम्मेलन में किसानों ने आलू के साथ-साथ मेंथा और टमाटर के अधिक उत्पादन और भंडारण की समस्या का जिक्र किया। इसके जवाब में मंत्री ने खाद्य प्रसंस्करण नीति के तहत 35 प्रतिशत अनुदान लेकर इकाई स्थापित करने का आह्वान किया और मण्डी परिषद में कोल्ड रूम लगवाने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने शीतगृह स्वामियों से यह भी कहा कि शेष कोल्ड स्टोरेज का उपयोग टमाटर के भंडारण के लिए किया जाए। मंत्री ने बताया कि प्रदेश में आगरा आलू अनुसंधान केंद्र विश्व में दूसरे स्थान पर है, जिससे प्रदेश को एक पहचान मिली है। इसके अलावा बाराबंकी में पुष्प उत्पादन के लिए सेंटर ऑफ एक्सलेंस फॉर फ्लावर स्थापित किया गया है। प्रदेश की हाईटेक नर्सरी से 29 करोड़ पौध उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त किया गया है और नजदीकी जनपद रायबरेली के शिवगढ़ विकासखंड में सेंटर ऑफ एक्सलेंस फॉर हनी भी स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि लखनऊ में किसानों और शीतगृह स्वामियों की सुविधा के लिए एक कार्यालय केंद्र भी जल्द स्थापित किया जाएगा, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर किया जा सके। 

इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष राम सिंह उर्फ भुल्लन, जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत, विधायक हैदरगढ़ दिनेश रावत, अपर मुख्य सचिव उद्यान बी.एल. मीणा, जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, निदेशक उद्यान भानु प्रकाश राम, संयुक्त निदेशक उद्यान राजीव कुमार वर्मा और सर्वेश कुमार, निदेशक मण्डी परिषद, उप्र, उप निदेशक उद्यान, अयोध्या मण्डल और देवीपाटन मण्डल के सभी जिला उद्यान अधिकारी, शीतगृह स्वामी, आलू उत्पादक कृषक, उद्यमी, भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधि और प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे।

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