राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को सहन नहीं करेंगे छात्र, महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर शौर्य सभा का आयोजन
लखनऊ, अमृत विचार: लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के समीप विश्वविद्यालय के वरिष्ठ छात्रों की ओर से “शौर्य शिरोमणि” महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि के अवसर पर शौर्य सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार से जुड़े सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उपस्थित होकर राष्ट्र गौरव महाराणा प्रताप को नमन किया और उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में महाराणा प्रताप के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र के प्रति उनके अदम्य साहस को स्मरण किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ छात्रों ने कहा कि महाराणा प्रताप ने जीवन भर मुगलों के सामने झुकने से इनकार किया और कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने स्वाभिमान, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति से कभी समझौता नहीं किया। उनके त्याग और संघर्ष आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। छात्रनेता प्रणवकांत मोहित ने विश्वविद्यालय परिसर में सक्रिय असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति विश्वविद्यालय प्रांगण के भीतर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में लिप्त पाया गया या जाति के नाम पर छात्रों को भड़काने और समाज को बांटने का प्रयास करेगा, तो छात्रों द्वारा इसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समय आने पर ऐसे तत्वों को उन्हीं की भाषा में और उचित तरीके से जवाब देने में छात्र पूरी तरह सक्षम हैं।
उज्ज्वल सिंह और उत्कर्ष चौहान ने उपस्थित छात्रों को सामूहिक रूप से संकल्प दिलाया कि विश्वविद्यालय परिसर की शांति, एकता और राष्ट्रवाद की भावना को किसी भी कीमत पर खंडित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्र समाजहित और राष्ट्रहित में सदैव एकजुट रहेंगे। कार्यक्रम का संचालन शिवम सिंह ने किया। आयोजन में शिवम सिंह सम्राट, सूरजभान सिंह, उत्कर्ष सिंह, मयंक राणा, ऋतुराज मिश्रा, अक्षय वर्मा, आदर्श मिश्रा, शिवांश सिंह, उन्मेष, सुमित, कीर्ति, शंकर, अमरनाथ सहित सैकड़ों छात्रों का विशेष योगदान रहा।
