बिजली संशोधन बिल पेश होते ही देशभर में काम बंद करेंगे बिजलीकर्मी, निजीकरण के खिलाफ बड़ा ऐलान
लखनऊ, अमृत विचार: संसद के बजट सत्र में जैसे ही बिजली संशोधन बिल पेश किया जाएगा, उसी दिन देशभर के बिजली कर्मचारी काम बंद कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। यह घोषणा नेशनल को-ऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स ने की है। कमेटी ने उत्तर प्रदेश सरकार से निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान बिजली कर्मचारियों पर की गई सभी दमनात्मक कार्रवाइयों को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने बताया कि कमेटी की हाल ही में हुई ऑनलाइन बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि यदि केंद्र सरकार बजट सत्र में बिजली संशोधन बिल पेश करती है, तो उसका देशव्यापी विरोध किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि यूपी समेत पूरे देश के बिजलीकर्मी, जूनियर इंजीनियर और अन्य अभियंता उसी दिन अपने-अपने कार्यालयों और कार्यस्थलों से बाहर आकर काम बंद करेंगे।
इसके अलावा 12 फरवरी को 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भी उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारी पूरी मजबूती से हिस्सा लेंगे। हड़ताल के संबंध में सरकारों को भेजे जा रहे नोटिस में बिजली क्षेत्र के निजीकरण के प्रस्ताव को वापस लेने और विद्युत संशोधन बिल को प्रमुख मुद्दा बनाया गया है।
नेशनल को-ऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के सेक्रेटरी जनरल पी रत्नाकर राव, ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ पावर डिप्लोमा इंजीनियर्स के अध्यक्ष आरके त्रिवेदी, सेक्रेटरी जनरल अभिमन्यु धनकड़, ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज के जनरल सेक्रेटरी मोहन शर्मा, इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी सुदीप दत्त और ऑल इंडिया पावर मेन्स फेडरेशन के जनरल सेक्रेटरी समर सिन्हा प्रमुख रूप से शामिल रहे।
