छोटे जिलों में भी मिलेगा हृदय रोगियों को इलाज, 41 मेडिकल कॉलेजों में स्थापित की जाएंगी कैथ लैब 

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Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश के छोटे जिलों के हृदय रोगियों को इलाज के लिए बड़े शहरों में नहीं भागना पड़ेगा। इसके लिए राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में हृदय रोग विभाग को अत्याधुनिक संसाधनों से सुसज्जित करने का निर्णय लिया है, इसी क्रम में 41 मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब स्थापित की जाएंगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने बताया कि सभी मेडिकल कालेजों में कैथ लैब होने से एंजियोग्राफी, स्टेंट प्रत्यारोपण, वाल्ब ठीक करने एवं अनियमित धड़कन का इलाज किया जा सकेगा।

हार्ट अटैक के मरीजों को गोल्डन ऑवर में इलाज उपलब्ध कराने के उद़देश्य से शुरू की गई हब एंड स्पोक माॅडल पर स्टेमी योजना का खासा लाभ मरीजों को मिल रहा है। इस योजना में जिला अस्पताल में पहुंचने वाले हार्ट अटैक मरीज की ईसीजी कर व्हाट्सअप ग्रुप में अपलोड की जाती है, जिसे संबन्धित मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विशेषज्ञ देखकर आवश्यकतानुसार सलाह देते हैं। इसके बाद उक्त मरीज को नजदीकी मेडिकल कॉलेज में एंजियोप्लास्टी आदि आवश्यकतानुसार इलाज उपलब्ध कराया जाता है।

20 अन्य जिले जुड़ेंगे स्टेमी योजना से

स्टेमी योजना केजीएमयू, राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान,बनारस, कानपुर, सैफई, अलीगढ़, आगरा, प्रयागराज एवं झांसी समेत कुल दस मेडिकल कालेजों से अब तक 55 जिलों को जोड़ा जा चुका है। जल्द ही गोरखपुर और मेरठ मेडिकल कॉलेज से 20 अन्य जिलों को भी जोड़ा जाएगा।

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