UP Board Exam 2026 : प्रयोग परामर्श हेल्पलाइन पर छात्रों ने बेबाकी से किए सवाल, मौखिक प्रश्न होंगे आसान, तर्क से समझे प्रयोग के सिद्धांत

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार : यूपी बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षाओं को लेकर छात्रों की आशंकाओं, जिज्ञासाओं और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए उपयोगी सुझाव देने के उद्देश्य से शुक्रवार को दिन भर प्रयोग परामर्श हेल्पलाइन सक्रिय रही। इस दौरान छात्रों ने बेझिझक अपने सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया। संयुक्त शिक्षा निदेशक मंडल कार्यालय में डॉ. प्रदीप कुमार सिंह के नेतृत्व और मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार के निर्देशन में स्थापित “प्रयोग परामर्श हेल्पलाइन” पर लखनऊ मंडल के सभी जिलों के साथ-साथ प्रदेश के अन्य जिलों से भी छात्रों के फोन आए, जिनका समाधान विषय विशेषज्ञों द्वारा किया गया।

छात्रों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि प्रत्येक परीक्षार्थी को मौखिकी (वायवा) के दौरान वाह्य परीक्षक के समक्ष अपने द्वारा किए गए किसी एक नवाचार को अवश्य साझा करना चाहिए, इससे अच्छे अंक प्राप्त करने में सहायता मिलती है। विशेषज्ञ शिप्रा श्रीवास्तव ने कहा कि परीक्षण लिखते समय रासायनिक अभिक्रियाओं को स्पष्ट रूप से अवश्य लिखें। डॉ. अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि प्रयोग के सिद्धांत को तर्क के आधार पर समझने का प्रयास करने से मौखिक प्रश्नों में काफी मदद मिलती है। दीप्ति विश्वकर्मा ने बताया कि स्पॉटिंग में केवल मुख्य लक्षण ही लिखें और चित्र स्पष्ट व नामांकित होने चाहिए। उल्लेखनीय है कि यूपी बोर्ड की वर्ष 2025–26 की प्रयोगात्मक परीक्षाएं 24 जनवरी से 1 फरवरी तक संचालित हो रही हैं।

4 घंटे में आए 285 फोन

हेल्पलाइन पर प्रदेश भर से चार घंटे में करीब 285 परीक्षार्थियों के कॉल आए, जिनमें से लगभग 118 छात्रों को विशेषज्ञों द्वारा शंका समाधान का लाभ मिला। लखनऊ से करीब 45, हरदोई से 42, लखीमपुर खीरी से 35, सीतापुर से 48, उन्नाव से 30 और रायबरेली से 40 कॉल आए, जबकि शेष जनपदों से लगभग 45 कॉल दर्ज किए गए।

विशेषज्ञों ने दिए यह सुझाव

रसायन विज्ञान

आंतरिक व बाह्य मूल्यांकन के अंक विभाजन को समझें।
परीक्षण से पहले प्रयोग की सामग्री और आवश्यक उपकरण एकत्र करें।
मौखिक प्रश्नों के लिए प्रयोग से संबंधित समीकरण और सिद्धांत तैयार रखें।
गुणात्मक विश्लेषण में अम्लीय व क्षारकीय मूलकों के परीक्षण का सैद्धांतिक पक्ष समझें।

भौतिक विज्ञान

खंड ‘क’ से एक और खंड ‘ख’ से एक प्रयोग करें।
उत्तर पुस्तिका में प्रयोग क्रमबद्ध रूप से लिखें।
परिणाम लिखते समय मात्रक अवश्य लिखें।
आवश्यकता अनुसार किरण या परिपथ आरेख बनाएं।
मौखिक प्रश्नों का नियमित अभ्यास करें।

जीव विज्ञान

मौखिकी के लिए चार्ट और मॉडल अच्छी तरह तैयार करें।
चार्ट या मॉडल अपने पसंदीदा शीर्षक पर बनाएं।
स्लाइड बनाते समय बबल्स न हों, इसका ध्यान रखें।
प्रयोग लिखते समय विधि के स्थान पर उद्देश्य, सामग्री, प्रेक्षण, चित्र और सावधानियां ही लिखें।

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