लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों का UGC विनियम 2026 के खिलाफ उबाल, बोले छात्र "काला कानून" वापस लो!

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ: लखनऊ विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता संवर्धन विनियम, 2026 को लेकर विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को विवि के छात्रों ने यूजीसी के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए इसे वापस लेने की मांग की। परिसर में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन ने पूरे परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया। विवि के प्रवेश द्वार संख्या एक पर प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि नए इक्विटी नियम अस्पष्ट और मनमाना है।

छात्रों का कहना है कि इन नियमों से शैक्षणिक संस्थानों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है और भविष्य में इसके दुरुपयोग की आशंका भी है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि संस्थागत समितियों को अत्यधिक अधिकार दिए गए हैं, जबकि झूठे आरोपों से बचाव के लिए कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है। इससे अलग-अलग कॉलेजों में नियमों के असमान या गलत इस्तेमाल की आशंका बढ़ जाती है।

छात्रों ने इन नियमों को "काला कानून" करार देते हुए वापस लेने की मांग की और आरोप लगाया कि ये नियम सामान्य वर्ग (जनरल कैटेगरी) के छात्रों के खिलाफ भेदभावपूर्ण हैं तथा कैंपस में झूठे मामलों और विभाजन को बढ़ावा देंगे। हालांकि, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर परीक्षा बाधित करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। प्रवेश द्वार संख्या एक पर प्रदर्शन के बाद छात्रों ने एकजुट होकर गेट नम्बर नम्बर तीन पर भी प्रदर्शन किया। इस दौरान किसी अनहोनी की आशंका से निपटने के लिए पुलिस परिसर में चप्पे चप्पे पर तैनात रही।

गौरतलब है कि यूजीसी ने इस साल इक्विटी इन हायर एजुकेशन रेगुलेशंस 2026 लागू किए हैं। इन नियमों का उद्देश्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में भेदभाव को रोकना और सभी छात्रों व कर्मचारियों को समान अवसर देना बताया गया है। इन नियमों के तहत हर हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट को समान अवसर केंद्र बनाना होगा। भेदभाव से जुड़ी शिकायतों के लिए विशेष समितियां गठित करनी होंगी और 24 घंटे की हेल्पलाइन सेवा भी शुरू करनी होगी। इसके अलावा, तय समय सीमा में शिकायतों पर कार्रवाई भी करनी होगी और अगर कोई संस्थान इन नियमों का पालन नहीं करता है, तो यूजीसी उस पर कार्रवाई या जुर्माना भी लगा सकता है। 

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