Bareilly : यूजीसी बिल पर सुप्रीम रोक के बाद अनिश्चितकालीन धरना स्थगित

Amrit Vichar Network
Published By Pradeep Kumar
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निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट की जलाई अलख को तेज करने के लिए सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में धरना दे रहे थे लोग

बरेली, अमृत विचार। यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम रोक के बाद गुरुवार दोपहर बाद सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में धरना स्थगित कर दिया गया। यूजीसी के नए प्रावधानों के विरुद्ध निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री की ओर से जलाई अलख को तेज करने के लिए तीन दिन से सवर्ण समाज के बड़ी संख्या में लोग सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में धरना दे रहे थे। सुप्रीम राेक की जानकारी मिलते ही लोगों में खुशी की लहर दौड़ गयी। यह निर्णय सामान्य वर्ग की न्यायपूर्ण लड़ाई की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए लोगों ने धरना स्थगित कर दिया।

दरअसल, गणतंत्र दिवस के अवसर पर अलंकार अग्निहोत्री ने सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा देने के बाद एडीएम कंपाउंड स्थित सरकारी आवास के गेट पर यूजीसी रोल बैक, काला कानून वापस लो और शंकराचार्य और संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान लिखा बैनर लहराते हुए केंद्र और राज्य सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोला। इसके बाद शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया। यूजीसी बिल वापस लेने की मांग मुखरता से उठाई तो सवर्ण समाज के लोगाें ने उन्हें समर्थन देते हुए मंगलवार से सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में यूजीसी बिल वापस लेने की मांग करते हुए धरना शुरू कर दिया। पार्क में सवर्ण समाज ने शांतिपूर्ण एवं निरंतर धरना-प्रदर्शन किया। अलंकार को प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा में बुधवार को लखनऊ भेज दिया तो समाज के लोगों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।

इधर, गुरुवार दोपहर सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए प्रावधानों पर रोक लगा दी। सुप्रीम निर्णय से लोग उत्साहित हो उठे। एक-दूसरे का माला पहनाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। जनसमूह ने विभिन्न माध्यमों से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जब कोई जनहित याचिका गंभीर होती है, तभी सर्वोच्च न्यायालय उसे स्वीकार कर सुनवाई करता है। इससे स्पष्ट है कि सामान्य वर्ग के अधिकारों से जुड़ी यह याचिका न्यायिक रूप से स्वीकार की जा चुकी है।

ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय राज शर्मा आदि लोगों ने पार्क में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह निर्णय सामान्य वर्ग की न्यायपूर्ण लड़ाई की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह संकेत दे रहा है कि सत्य और संविधान के मार्ग पर चलने वालों की जीत निश्चित होती है। जनमानस ने विश्वास जताया कि आने वाला अंतिम निर्णय भी सामान्य वर्ग के पक्ष में आएगा और केंद्र सरकार के इस काले कानून की विसंगतियां उजागर होंगी। साथ ही समाज में समानता, न्याय और एकता का संदेश गया है। धरना स्थल पर सभी ने स्पष्ट किया कि समाज न्यायालय के आदेश का सम्मान करता है इसलिए धरना स्थगित किया गया है। समाज भविष्य में भी अपनी लड़ाई संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखेगा। धरना स्थल पर रमेश शर्मा, राजेश शर्मा, गजेंद्र पांडे, सोहन लाल शर्मा, एड. अनिल द्विवेदी, अजय राज शर्मा, त्रिभुवन शर्मा, एड.राजेंद्र प्रसाद घिल्डियाल, समर्थ मिश्रा, आलोक चौहान, संजय सक्सेना, एड. महेश पाठक, सुधांशु शर्मा, पंकज पाठक, रतन शर्मा, एड. दीपक पाण्डेय, सौरभ पांडे, प्रमोद उपाध्याय, महेश पंडित, राज शर्मा, तृप्ति शुक्ला, अनुराधा शर्मा, ज्योति शर्मा, अजय शर्मा, सचिन शर्मा, अविनाश मिश्रा, वंदना पांडे, ज्योति मिश्रा ,राम रतन शर्मा, मदन शर्मा, अरुण शुक्ला, मुकेश पांडे, अनिकेत शर्मा, आरसी पांडे, अक्षय अवस्थी, राजेंद्र सिंह, पंकज मिश्रा, विमल पाण्डेय, रजत सिंह उपस्थित रहे।

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