Swatantra Dev Singh : महोबा में BJP विधायक से हुए विवाद पर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने तोड़ी चुप्पी, जानें क्या कहा...
महोबा/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के महोबा में हाल ही में सामने आए राजनीतिक विवाद पर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कथित टकराव की घटना को महत्वहीन बताते हुए कहा कि उनके साथ व्यक्तिगत रूप से कोई घटना नहीं हुई।
दरअसल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मंत्री और स्थानीय प्रतिनिधियों के बीच तीखी नोकझोंक दिखाई देने के बाद विपक्ष ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। स्वतंत्र देव सिंह ने स्पष्ट किया कि इस मामले में वह किसी भी राजनीतिक बयानबाजी में नहीं पड़ना चाहते।
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की टिप्पणी पर सवाल पूछे जाने पर मंत्री ने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया और कहा कि अधिकारी और मीडिया जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक बयान को ही आधार मानें। मंत्री ने कहा कि उनका पूरा ध्यान विकास कार्यों पर केंद्रित है।
उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत वह 36 गांवों का दौरा कर रहे हैं, जहां पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की जा रही है योजना के तहत हर घर तक नल से जल पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और उसी दिशा में काम हो रहा है।
स्वतंत्र देव सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सभी प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है और किसी तरह के व्यवधान या राजनीतिक निशानेबाजी की बातें भ्रामक हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि जनता को परिणाम देना उनकी जिम्मेदारी है, न कि राजनीतिक विवादों में उलझना।
मंत्री के इस बयान से साफ है कि महोबा की घटना ने भले ही राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा की हो, लेकिन सरकार और मंत्री स्तर पर इसे तवज्जो नहीं दी जा रही है। स्वतंत्र देव सिंह ने दोहराया कि शासन, विकास और जनकल्याण ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
गौरतलब है कि महोबा जिले में शुक्रवार को उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के कार्यक्रम के दौरान पानी की समस्या को लेकर भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत और उनके समर्थक भड़क उठे। पुलिस ने किसी तरह से मामले को शांत कराया था।
दरअसल, चरखारी विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से जारी जल संकट और पाइपलाइन कार्य के चलते सड़कों की बदहाली को लेकर विधायक का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने आरोप लगाया था कि कई गांवों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप है और पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहे हैं और जनता भीषण जल किल्लत से परेशान है।
