Bareilly : पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामला...एनजीटी के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगा प्रशासन

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बरेली, अमृत विचार। सिरौली के ग्राम कल्याणपुर में एक मकान में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के मामले में मृतक और घायलों को मुआवजा देने के एनजीटी के आदेश के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पेटिशन दाखिल करने की तैयारी तेज हो गयी है।

जिला प्रशासन एडवोकेट ऑन रिकार्ड सुप्रीम कोर्ट के जरिए याचिका दाखिल करेगा। नायब तहसीलदार प्रशांत शुक्ला को एडवोकेट ऑन रिकार्ड सुप्रीम कोर्ट के पास प्रकरण से संबंधित पत्रावली लेकर भेजा गया है ताकि स्पेशल लीव पेटिशन दाखिल की जा सके।

थाना सिरौली के ग्राम कल्याणपुर में 2 अक्टूबर 2024 की दोपहर पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था। इसमें रहमान शाह व उनकी पत्नी छोटी बेगम घायल हुए थे। उनके परिवार के छह सदस्यों में तबस्सुम, निखत उर्फ नीना, शहजान, हरसान, सितारा, फातिमा व पड़ोस की महिला रुखसाना की मौत हो गयी थी। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित विस्फोट की खबर के मामले का स्वत: संज्ञान लेकर वाद दर्ज करते हुए जिला प्रशासन को नोटिस भेजकर प्रकरण की जानकारी मांगी थी। एनजीटी ने 18 फरवरी 2025 को आदेश सुनाते हुए कहा कि राज्य पीड़ितों को मुआवजा देने की जिम्मेदारी से बच नहीं सकता।

पीड़ितों को तत्काल राहत की आवश्यकता है। आदेश में न्यायाधिकरण ने यह माना था कि मृतक पीड़ितों में से प्रत्येक के लिए मुआवजे की राशि 20 लाख रुपये होनी चाहिए। 50 प्रतिशत से अधिक जलने वाले व्यक्तियों के लिए 15 लाख रुपये, 25 से 50 प्रतिशत तक जलने वाले व्यक्तियों के लिए 10 लाख रुपये और 5 से 25 प्रतिशत तक चोट लगने वाले व्यक्तियों के लिए 5 लाख रुपये और मामूली जलन या साधारण चोटों के घायलों को 2 लाख का भुगतान करने की बात कही थी।

एनजीटी द्वारा विभिन्न जनपदों में अवैध पटाखा गोदाम में हुए विस्फोट के दृष्टिगत विभिन्न वादों में जारी निर्देशों के अनुपालन को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 22 सितंबर 2025 को बैठक हुई थी। मुख्य सचिव ने प्रकरणों में एनजीटी के आदेश के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में स्पेशल लीव पेटिशन दाखिल करने के बरेली सहित संबंधित जनपदों को निर्देश जारी किए। मुख्य सचिव के आदेश के अनुपालन में सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पेटिशन दाखिल करने की कार्रवाई जिला प्रशासन के स्तर से करायी जा रही है। 

मुख्य सचिव के निर्देश पर एनजीटी के आदेश के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पेटिशन दाखिल करने के लिए जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने एडीएम सिटी को नामित किया है। डीएम की ओर से सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट ऑन रिकार्ड रूचिरा गोयल को पत्र भी भेजा गया है, जिसमें बताया कि प्रकरण से संबंधित पत्रावली लेकर नायब तहसीलदार प्रशांत शुक्ला को भेजा जा रहा है। प्रकरण में स्पेशल लीव पेटिशन दाखिल करने की बात कही।

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