उत्तर प्रदेश पुलिस को मिला AI का 'यक्ष' हथियारः अब अपराधियों पर डिजिटल नजर, बीट पुलिसिंग होगी हाई-टेक और सुपर इफेक्टिव
डीजीपी ने किया उद्घाटन, कहा बीट प्रणाली पुलिसिंग की महत्वपूर्ण इकाई
लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश की पुलिसिंग को एआई आधारित “यक्ष एप” हाईक्वालिटी का बनाएगा। इसे ''त्रिनेत्र'', ''बीट प्रहरी'', ''ऑपरेशन पहचान'' जैसे एप को एकीकृत कर बनाया गया है। इससे कई सूचनाओं को एक स्थान पर रखने में आसानी होगी। पहले इसके लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इस परेशानी को यक्ष एप दूर करेगा। यह बात डीजीपी राजीव कृष्ण ने शनिवार पुलिस मुख्यालय में कही।
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वह “यक्ष एप” के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। डीजीपी ने कहा कि सिपाही ही पुलिसिंग का मुख्य आधार होते हैं। अब इनके द्वारा मिलने वाली सूचनाओं को एक स्थान पर संग्रहित किया जा सकता है। एआई आधारित इस एप से अपराधी से जुड़ी कई सूचनाएं सभी संबंधित बीट तक तुरंत पहुंच जाएगी। इससे कम समय में ही सत्यापन व अन्य अभियान चलाए जा सकेंगे। डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री की अपराध व अपराधियों के खिलाफ जीरो टालरेंस नीति में यह एप अधिक प्रभावी होगा। यह कार्यशाला 27 जनवरी तक चलेगी। इस मौके पर कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
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एप की विशेषताएं :
- प्रदेश की हर बीट की स्पष्ट जिम्मेदारी तय की गई है।
- बीट बुक को डिजिटल बीट बुक में बदल कर सारे डाटा सुरक्षित किए जा सकेंगे।
- एआई से अपराधियों की गतिविधियों पर पहले से ज्यादा सटीक निगरानी संभव होगी।
- अपराध की संवेदनशीलता, समय, अपराध के तरीके और इस्तेमाल होने वाले असलहे के आधार पर क्रिमिनल स्कोरिंग सिस्टम बनाया गया है।
- फेस वॉइस टेक्स्ट, वेहिकल सर्च जैसी सुविधा से अपराध का पर्दाफाश करना आसान होगा।
- बीट स्तर पर स्थानीय सूचना और बीट सूचना के जरिए अपराध से पहले भी सूचनाएं मिल सकेंगी। उस पर पहले से ही नियंत्रण किया जा सकेगा।
