Moradabad: खर्च कम, आय बढ़ाने पर जोर...स्वागत तो कहीं छाई निराशा

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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मुरादाबाद, अमृत विचार। केंद्रीय बजट में कई प्रावधानों का जहां लोगों ने स्वागत किया है। वहीं महंगाई पर नियंत्रण के लिए कोई उपाय न होने से मध्यम व गरीब वर्ग को निराशा हाथ लगी है। सरकारी कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा न होने और आयकर के स्लैब में आठवें वेतन को देखते हुए बढ़ोत्तरी न करने पर नाराजगी जताई है।

वहीं आयकर विशेषज्ञों का कहना है कि बजट में खर्च कम और आय बढ़ाने पर जोर दिया गया है। लेकिन जब महंगाई पर नियंत्रण नहीं होगा तो खर्च कैसे कम होगा इस पर भी सरकार को विचार करना चाहिए था। हस्तशिल्प उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए ठोस कदम न उठाने से मुरादाबाद के निर्यातकों के चेहरे पर उदासी है। उद्यमियों ने बजट को औसत बताया है।

इस बार का बजट औसत है। इसमें टेक्सटाइल के लिए तो कुछ दिया गया है लेकिन हैंडीक्राफ्ट, ब्रास के क्षेत्र में शुरुआत में खास उपाय नहीं दिख रहे हैं। बजट के प्रावधानों का विस्तृत अध्ययन करने के बाद ही सभी बातें स्पष्ट होंगी। हैंडीक्राफ्ट क्षेत्र के निर्यातकों के लिए स्पष्ट रूप से विशेष नहीं दिया गया है।- विशाल अग्रवाल, नेशनल चेयरमैन यस

ग्रामीण भारत के लिए अब तक का सबसे व्यापक, संतुलित और दूरदर्शी बजट है। ₹53 लाख करोड़ के कुल केंद्रीय बजट में से ₹15 लाख करोड़ से अधिक राशि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से ग्रामीण विकास, कृषि, किसान, मजदूर और ग्रामीण महिलाओं के कल्याण पर खर्च की जा रही है, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है- रचित गुप्ता

बजट कर्मचारी हित में निराशाजनक है। पुरानी पेंशन की घोषणा नहीं की गई। कर्मचारी 7वें वेतन आयोग की रिपोर्ट के अनुरूप 50% महंगाई भत्ते को मूल वेतन में विलय की घोषणा का भी इंतजार कर रहे थे लेकिन इंतजार खत्म नहीं हुआ। संविदा प्रथा और ठेकेदारी प्रथा को समाप्त करने के स्थान पर बढ़ावा दिया जा रहा है, स्थाई रोजगार सृजन ना होने से तकनीकी योग्यता धारक लोगों को अल्प वेतन और भविष्य की असुरक्षा के बीच कार्य करना पड़ रहा है जो कष्टदायक है ।देश को वैश्विक बायोफॉर्मा निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए बायोफॉर्मा शक्ति बनाया जाने की घोषणा स्वागत योग्य है। - हेमंत चौधरी, मंडलीय सचिव, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन

सरकार ने बजट में अपने खर्च कम करने तथा आय बढ़ाने पर अधिक ध्यान दिया है शेयर बाजार के ट्रेडर्स के लिए बजट में झटका लगा है। सरकार ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स बढ़ा दिया है बजट में विदेश यात्रा के पैकेज पर लगने वाले टीसीएस की दरों में कटौती हुई है। अभी तक विदेश यात्रा के पैकेज पर 5% और 20% की ऊंची दरों से टीसीएस देना पड़ता था, जिसे अब घटाकर सिर्फ 2% कर दिया गया है। -गौरव गुप्ता, टैक्स मामलों के विशेषज्ञ अधिवक्ता

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