बजट में चार दूरबीनों की घोषणा एस्ट्रोनॉमी की दुनिया में ऊंची उड़ान से कम नहीं

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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एरीज के वैज्ञानिकों ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सराहनीय कदम 

अमृत विचार, नैनीताल। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए देश में चार टेलीस्कोप की इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं स्थापित करने व  अपग्रेड किए जाने की घोषणा वास्तव में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। 13. 6 मीटर की नेशनल लार्ज ऑप्टिकल इन्फ्रारेड टेलीस्कोप (एनएलओटी) एशिया की सबसे बड़ी दूरबीनों में शुमार होगी।

रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से अंतरिक्ष के क्षेत्र में की गई घोषणा को लेकर आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के निदेशक डा मनीष नाजा ने कहा कि उच्च शिक्षा क्षेत्र में निवेश के संदर्भ में दूरबीनों से जुड़ी घोषणा वास्तव में बेहद महत्वपूर्ण है। देश में चार अत्याधुनिक दूरबीनों को स्थापित किया जाना विश्व स्तर पर भारत की लंबी छलांग होगी। 

इन दूरबीनों में ऑप्टिकल, इन्फ्रारेड और सोलर दूरबीनों को शामिल किया गया है। 13. 6 मीटर की नेशनल लार्ज ऑप्टिकल में इन्फ्रारेड भी जोड़ दिया गया है, जो दूर की आकाशगंगाओं और तारों का अवलोकन करने में सक्षम होगी। इस सुविधा के उपलब्ध होने से भारतीय वैज्ञानिकों को दूसरे देशों पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी।

दूसरी दूरबीन का नाम नेशनल लार्ज सोलर टेलीस्कोप है। यह टेलीस्कोप सूर्य की गतिविधियों का अध्ययन कर सकेगी। इस दूरबीन से अंतरिक्ष मौसम की जानकारी मिलना आसान हो जाएगा। वर्तमान में सूर्य के अध्ययन को लेकर  आदित्य एल 1 भारतीय अंतरिक्ष दूरबीन अंतरिक्ष में मौजूद है और जमीनी स्तर में एक और बड़ी दूरबीन के उपलब्ध हो जाने से सौर वैज्ञानिकों का काम बेहद आसान हो जाएगा। 

इसके अलावा लेह लद्दाख में स्थित मौजूदा टेलीस्कोप हेनले का अपग्रेडेशन किया जाना है। डा मनीष नाजा ने बताया कि इस दूरबीन को अत्याधुनिक तकनीक के साथ अपग्रेड किया जाएगा। अंतरिक्ष की दिशा में चौथी घोषणा कॉसमॉस 2 प्लेनेटेरियम सुविधा है, जो खगोल विज्ञान को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगी।  उच्च शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान को मजबूत बनाने को लेकर यह बजट वास्तव में बेहद सराहनीय है। जिसका एरीज परिवार अंतर्मन से स्वागत करता है। 

एनएलओटी के लेह लद्दाख में स्थापित किए जाने की संभावना 

नैनीताल:  13. 6 मीटर की नेशनल लार्ज ऑप्टिकल इन्फ्रारेड टेलीस्कोप (एनएलओटी) भारतीय ही नहीं बल्कि विश्व के वैज्ञानिकों के लिए बड़ा तोहफा है। इस दूरबीन को स्थापित किए जाने के लिए कोई जगह तो अभी तय नहीं है। फिर भी वातावरण, पर्यावरण और प्रदूषणमुक्त लेह लद्दाख में स्थापित किए जाने की संभावना अधिक हैं।  

इस दूरबीन के निर्माण में भारतीय वैज्ञानिकों को हवाई में निर्माणाधीन तीस मीटर टेलीस्कोप का अनुभव काम आएगा। पहले इस दूरबीन को ऑप्टिकल बनाए जाने की थी, लेकिन इसमें अब इन्फ्रारेड को भी जोड़ दिया गया है। इन्फ्रारेड अत्याधुनिक तकनीक है, जो वर्तमान में चंद विकसित देशों में विकसित की गई है। अब देश में इस तकनीक का विकसित किए जाने का मतलब, सूदूर अंतरिक्ष में ग्रह नक्षत्रों व आकाशगंगाओं की सूक्ष्म गतिविधियों को हासिल करना है।

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