कुपोषण की जंग में पोषाहार प्लांट पीछे, नियमित संचालित नहीं हो पा रहे THR
मिल्क पाउडर का भुगतान होने पर चला हुए प्लांट
लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश में कुपोषण के खिलाफ चल रही लड़ाई में शामिल टीएचआर प्लांट (टेक होम राशन) का नियमित संचालन नहीं हो पा रहा है। वजह यह है कि पोषाहार बनाने के लिए समय पर खाद्य सामग्री नहीं मिलती है। कभी फर्म को तो कभी राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के समूह की महिलाओं को समय पर भुगतान नहीं होता है। अक्सर मशीनों में तकनीकी खराबी बनी रहती है। इन्हीं कारणों से राजधानी के चिनहट, मोहनलालगंज और बीकेटी में संचालित प्लांट पीछे हो गए हैं।
जिले में पिछले माह एक फर्म ने मिल्क पाउडर का काफी भुगतान बकाया होने पर पोषाहार बनाने के लिए खाद्य सामग्री नहीं दी। इस कारण कई दिन प्लांट में रेडी टू ईट आटा बेसन हलवा, आटा बेसन बर्फी व दलिया मूंग-दाल खिचड़ी आदि तैयार नहीं हो पाए। इसका वितरण सितंबर में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों में होना था। ऐसी स्थिति में आंगनबाड़ी केंद्रों पर नैफेड संस्था द्वारा आपूर्ति की गई। इससे वितरण का क्रम नहीं रुका। लेकिन, प्लांट ठप रहे। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के हस्तक्षेप पर फर्माें को भुगतान किया गया। इससे प्लांटों पर खाद्य पदार्थ की आपूर्ति होने लगी और उत्पादन शुरू हुआ। अब सितंबर का तैयार पोषाहार इस माह केंद्रों पर वितरित किया जाएगा। साथ ही बाल विकास पुष्टाहार विभाग की तरफ से मार्च की डिमांड भी मिली है। तीनों प्लांट पर 125 से 135 एमटी तक पोषाहार तैयार होता है। जिला विकास अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि बकाया भुगतान हो गया है। प्लांट बराबर संचालित हैं।
