Manipur CM : वाई खेमचंद सिंह पहुंचे लोक भवन, राज्यपाल के समक्ष पेश किया सरकार बनाने का दावा

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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इंफाल। मणिपुर विधानमंडल दल के भाजपा नेता युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार को लोक भवन में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर राज्य में भाजपा नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार बनाने का दावा पेश किया। खेमचंद सिंह के साथ इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ, पार्टी के पूर्वोत्तर संयोजक डॉ संबित पात्रा, मणिपुर भाजपा राज्य अध्यक्ष अधिकारिमयुम शारदा देवी और अन्य राजग नेता भी मौजूद थे।

खेमचंद सिंह तीन फरवरी को सर्वसम्मति से राजग विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद बुधवार सुबह इंफाल पहुंचे। यह हिंसा प्रभावित राज्य में नयी सरकार के गठन की दिशा में निर्णायक कदम है। नयी दिल्ली से वापस लौटने पर खेमचंद सिंह ने एक पोस्ट में कहा कि वह नयी सरकार बनाने का दावा पेश करने को लेकर खुश हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि नयी मंत्रिपरिषद शांति और विकास को अपने मार्गदर्शक सिद्धांतों के रूप में लेकर काम करेगी। उन्होंने कहा, "विकसित भारत और विकसित मणिपुर के विजन की ओर राजनीतिक सफर चुनौतियों से भरा है, लेकिन हमारी प्राथमिकताएं इन लक्ष्यों को पाने से मजबूती से जुड़ी रहेंगी।" उन्होंने पार्टी नेतृत्व को उन पर भरोसा जताने और जिम्मेदारी देने के लिए धन्यवाद दिया। नयी राजग सरकार का शपथ ग्रहण समारोह जल्द ही होने की उम्मीद है। 

मणिपुर में हटा राष्ट्रपति शासन

मणिपुर में नयी सरकार गठन से पहले बुधवार को राज्य से राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया। मणिपुर में राजग विधायक दल के नेता वाई खेमचंद सिंह बुधवार शाम को राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। मणिपुर में 13 फरवरी, 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू था। साठ-सदस्यों वाली विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है, लेकिन राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद यह निलंबित कर दी गई थी। 

राष्ट्रपति की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया, ''संविधान के अनुच्छेद 356 के उपखंड (2) द्वारा दी गई शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, मैं, भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मणिपुर राज्य के संबंध में 13 फरवरी, 2025 को उक्त अनुच्छेद के तहत मेरे द्वारा जारी की गई उद्घोषणा को चार फरवरी, 2026 से रद्द करती हूं।'' पिछले साल नौ फरवरी को मेइती और कुकी समुदायों के बीच महीनों तक जारी रही जातीय हिंसा के बाद बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने इस्तीफे दे दिया था, जिसके बाद मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। 

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