बच्चों की जिद में पिघल जाते हैं CM योगी, बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा व सुरक्षा पर विशेष फोकस, बालहठ के साथ निश्छल मन से अपनी बात रखते हैं प्रदेश भर के बच्चे

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार : सख्त कानून व्यवस्था और अपराध के खिलाफ कठोर रुख के लिए पहचाने जाने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक अलग ही रूप बच्चों के बीच देखने को मिलता है। मासूमों की जिद, उनकी बेबाक फरमाइश और निश्छल मुस्कान के सामने मुख्यमंत्री का कोमल हृदय स्वतः झलकने लगता है। यही वजह है कि प्रदेश भर से बच्चे बेझिझक मुख्यमंत्री तक पहुंचते हैं और अपनी बात बालहठ के साथ रखते हैं।

कभी नर्सरी में एडमिशन की जिद, तो कभी चॉकलेट की फरमाइश, बच्चों के ये मासूम दृश्य अक्सर मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान देखने को मिलते हैं। हाल ही में ‘जनता दर्शन’ में मां के साथ आई बच्ची अनाबी अली का मुख्यमंत्री से संवाद सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना। एबीसीडी और कविता सुनाकर अनाबी ने मुख्यमंत्री का दिल जीत लिया। मुख्यमंत्री ने न सिर्फ उसका उत्साह बढ़ाया, बल्कि शिक्षा से जुड़े निर्देश भी तत्काल दिए।

मकर संक्रांति पर गोरखनाथ मंदिर में एक बच्चे से “और क्या चाहिए” पूछकर उसके जवाब पर खिलखिलाकर हंसना या गणतंत्र दिवस परेड के दौरान बच्चों को पास बुलाकर दुलारना आदि मौके मुख्यमंत्री के बाल प्रेम को उजागर करते हैं। मुख्यमंत्री का वात्सल्य भाव 26 जनवरी को परेड के दौरान देखने को मिला, एक नन्ही बच्ची को गोद उठा लिया।

बच्चों से यह आत्मीय जुड़ाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें शासन सिर्फ आदेश नहीं, बल्कि संवेदना और अपनत्व का माध्यम भी है। यही वजह है कि उनकी बच्चों से दोस्ती समाज को जोड़ने वाली एक सकारात्मक मिसाल बनती जा रही है।

डॉक्टर बनने की इच्छा पर मायरा से प्रभावित हुए योगी

मुख्यमंत्री योगी बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा को लेकर विशेष रूप से संवेदनशील हैं। ‘जनता दर्शन’ के माध्यम से लखनऊ की अनाबी अली, कानपुर की मायरा, गोरखपुर की पंखुड़ी और मुरादाबाद की वाची का स्कूल में प्रवेश कराया गया। मायरा ने डॉक्टर बनने की इच्छा जताई तो मुख्यमंत्री ने तत्काल एडमिशन के निर्देश दिए। पंखुड़ी की फीस माफ कराकर उसे दोबारा स्कूल भेजा गया।

मूक-बधिर खुशी को मिला सुरक्षित भविष्य का भरोसा

कानपुर की मूक-बधिर युवती खुशी गुप्ता का मामला भी मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता का उदाहरण है। पैदल चलकर लखनऊ पहुंची खुशी को मुख्यमंत्री ने न सिर्फ स्नेह दिया, बल्कि उसके सुरक्षित भविष्य का भरोसा भी दिलाया। वहीं, मेजर की बेटी अंजना भट्ट की शिकायत पर 24 घंटे के भीतर मकान कब्जा मुक्त कराना मुख्यमंत्री के त्वरित निर्णय का उदाहरण है।

वृद्ध मां के दर्द से द्रवित हुए योगी

बीते सितंबर में ‘जनता दर्शन’ में कानपुर की रायपुरवा निवासी एक वृद्ध मां अपने कैंसर पीड़ित बेटे का दर्द लेकर मुख्यमंत्री योगी के पास पहुंची थीं। उनकी तकलीफ देखकर सीएम द्रवित हो गए और कैंसर पीड़ित बेटे को एंबुलेंस से सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भिजवाकर उसका इलाज प्रारंभ कराया।

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