Moradabad: जिले के 11 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 50 से भी कम विद्यार्थी

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Published By Monis Khan
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मुरादाबाद, अमृत विचार। जिले में माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था की हकीकत चिंताजनक है। जिले के 11 ऐसे राजकीय माध्यमिक विद्यालय हैं, जहां छात्र-छात्राओं की संख्या 50 से भी कम दर्ज है। नामांकन में लगातार आ रही गिरावट के पीछे शिक्षकों की कमी के साथ-साथ लाइब्रेरी, प्रयोगशाला, खेल मैदान और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव प्रमुख कारण माना जा रहा है। यही नहीं, कुछ अर्द्धशासकीय माध्यमिक कॉलेजों की स्थिति भी इससे अलग नहीं है।

जिले में कुल 464 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें 50 राजकीय, 54 अर्द्धशासकीय और 360 वित्तविहीन विद्यालय शामिल हैं। संख्या के लिहाज से विद्यालयों की स्थिति भले ही बेहतर दिखती हो, लेकिन गुणवत्ता और सुविधाओं के स्तर पर कई राजकीय विद्यालय पिछड़ते नजर आ रहे हैं। इसका सीधा असर विद्यार्थियों और अभिभावकों की पसंद पर पड़ रहा है, जो बेहतर सुविधाओं और शिक्षकों की उपलब्धता के चलते निजी व वित्तविहीन विद्यालयों की ओर रुख कर रहे हैं। 

जिन 11 विद्यालयों में 50 से कम विद्यार्थियों का पंजीकरण है, उनमें भगतपुर टांडा स्थित राजकीय इंटर कॉलेज ताहमदान, बिलारी के राजकीय हाईस्कूल सिहाली माला और नमेनी गद्दी, डिलारी के राजकीय हाईस्कूल गखरपुर व राजकीय इंटर कॉलेज फरीदपुर, कुंदरकी का राजकीय हाईस्कूल महमूदपुर माफी, मुरादाबाद के राजकीय इंटर कॉलेज शिहाली व उमरी, मूढ़ापांडे का राजकीय हाईस्कूल शहरिया, ठाकुरद्वारा का राजकीय इंटर कॉलेज रामुवाला गणेश और राजकीय हाईस्कूल अब्दुल्ला शामिल हैं।

कई विषयों के शिक्षक वर्षों से तैनात नहीं
इन विद्यालयों में कई विषयों के शिक्षक वर्षों से तैनात नहीं हैं, जिससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए दूसरे साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। प्रयोगशाला और पुस्तकालय जैसी सुविधाएं या तो हैं ही नहीं या फिर उपयोग की स्थिति में नहीं हैं। खेल मैदान के अभाव में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास प्रभावित होता है। डीआईओएस देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि शिक्षकों की भर्ती के लिए परीक्षा हुई है। उम्मीद है कि जल्द ही शिक्षकों की कमी दूर होगी। इससे विद्यालयों में शैक्षिक माहौल बेहतर होने के साथ नामांकन भी बढ़ेगा।

 

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