Gold Silver Price Today: सोने, चांदी के भाव में 10 % की भारी गिरावट, जानिए आज का भाव
दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोर रुझानों और मजबूत अमेरिकी डॉलर के बीच वायदा कारोबार में चांदी तथा सोने की कीमतों में दो सत्र की तेजी के बाद बृहस्पतिवार को 10 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर मार्च में आपूर्ति वाले चांदी के अनुबंधों की कीमत 26,850 रुपये या 10 प्रतिशत टूटकर 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। पिछले सत्र में चांदी की कीमत 2,68,850 रुपये प्रति किलोग्राम थी।
इसी तरह, अप्रैल में आपूर्ति वाले अनुबंधों के लिए सोने की कीमत बुधवार के बंद भाव 1,53,046 रुपये प्रति 10 ग्राम की तुलना में 2,310 रुपये या 1.51 प्रतिशत फिसलकर 1,50,736 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। ऑगमोंट की शोध प्रमुख रेनिशा चैनानी ने कहा, '' सोने और चांदी ने हाल की बढ़त को गंवा दिया, जिससे दो दिन की तेजी का सिलसिला टूट गया क्योंकि कीमती धातुओं के बाजारों में नए सिरे से बिकवाली का दबाव और बढ़ी हुई अस्थिरता लौट आई।''
अंतरराष्ट्रीय बाजार में, चांदी और सोने के वायदा भावों में घरेलू व्यापार में देखी गई गिरावट का ही प्रभाव नजर आया। कॉमेक्स बाजार में मार्च में आपूर्ति वाली चांदी 8.85 डॉलर या 10.48 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 75.55 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। दिन के दौरान इसमें 13 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई और यह 73.38 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर पर पहुंच गई थी।
इंडसइंड सिक्योरिटीज के वरिष्ठ अनुसंधान विश्लेषक जिगर त्रिवेदी ने कहा, '' कीमती धातुओं पर नए सिरे से बिकवाली का दबाव और बढ़ती अस्थिरता से चांदी की कीमतों में 14 प्रतिशत तक की गिरावट आई और यह करीब 73 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। इससे दो सत्र की तेजी का सिलसिला टूट गया।
हालांकि ऐसी उम्मीद थी कि गिरावट आने पर खरीदार खरीदारी के लिए आगे आएंगे लेकिन हालिया तेजी के टिक न पाने के कारण चांदी तथा अन्य धातुओं की कीमतों में गिरावट जारी रहने के आसार हैं।'' दूसरी ओर, अप्रैल में आपूर्ति वाले सोने की कीमत 80 अमेरिकी डॉलर या 1.61 प्रतिशत टूटकर 4,870.9 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
पिछले सत्र में यह ने एक बार फिर 5,000 अमेरिकी डॉलर का आंकड़ा पार कर गई थी। त्रिवेदी ने फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और ब्याज दरों में कटौती की धीमी गति की उम्मीदों के चलते अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने को बिकवाली का कारण बताया।
