Budget Session : PM मोदी ने घुसपैठ व आर्थिक सुधारों को लेकर कांग्रेस-TMC पर बोला तीखा हमला, कहा- नौजवानों के अवसर छीन रहे घुसपैठिए
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनाव आयोग की मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम और सरकार के आर्थिक सुधारों सहित विकसित देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों के विरोध पर गुरुवार को राज्य सभा में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस की सोच और राजनीति पर तीखे हमले किये।
पीएम मोदी ने विपक्ष के बहिष्कार के बीच राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर सदन में चर्चा का जवाब देते हुए एसआईआर के विरोध के लिए तृणमूल कांग्रेस की आलोचना करते हुए तृणमूल के लोगों को अपने गिरेबां में झांकने की सलाह दी और कहा कि तृणमूल पतन के नये मानदंड बना रही हैं।
उन्होंने पश्चिम बंगाल की तृणमूल सरकार को निर्मम सरकार बताते हुए कहा कि वह लोगों को भविष्य अंधकार में डाल रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया का सबसे समृद्ध देश भी अपने यहां से गैर कानूनी नागरिकों को निकाल रहा है, लेकिन तृणमूल के लोग घुसपैठियों की वकालत के लिए अदालत जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि घुसपैठिये देश के नौजवानों के अवसर छीन रहे हैं, आदिवासियों की जमीन छीन रहे हैं, पुत्र-पुत्रियों के साथ दुव्यर्वहार कर रहे हैं।
उन्होंने विपक्ष, खास कर कांग्रेस पर यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ व्यापार समझौतों पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया कि कांग्रेस दशकों से सत्ता में रही है और उसमें भागीदार रही हैं, लेकिन डील (करारों) के नाम पर अपनी जेब भरने का काम किया है। उन्होंने कहा कि उनके समय में डील का नाम 'बोफोर्स' बन गया था।
मोदी ने कहा कि 2014 से पहले बैंकिंग सेक्टर में कांग्रेस के नेताओं के फोन जाने पर करोड़ों रुपये के कर्ज दिये जाते थे। कर्ज पाने वाले उस कर्ज को हजम कर जाते थे। इंडी अलायंस (संप्रग) के राज में बैंकिंग तबाही के कगार पर थी, वसूली में अवरुद्ध बैंकों के कर्ज(एनपीए) के पहाड़ खडे हो गये थे। प्रधानमंत्री ने कहा, "चुनौती बड़ी थी, लेकिन हमने समझदारी से सुधार किये पारदर्शी व्यवस्था बनायी बैंकों का विलय किया। बैंकों को बीमारी से मुक्ति मिली।"
उन्होंने अपनी सरकार की मुद्रा ऋण योजना का जिक्र करते हुए कहा कि मुद्रा योजना में 30 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के कर्जे दिये जा चुके हैं। युवाओं और महिलाओं को बिना गारंटी के मुद्रा ऋण की सुविधा दी गयी है, जिससे वे अपने कामकाज कर रहे हैं। सरकार ने बैंकिंग व्यवस्था में सुधार कर के एनपीए के पहाड़ को निम्न स्तर ला दिया है। एनपीए एक प्रतिशत से भी नीचे आ गयी है, बैंकों का मुनाफा रिकार्ड पर है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकारी उपक्रमों की मानसिकता को बदलने में सफलता हासिल की है। विपक्ष उनके लेकर गलत बातें फैलाते थे। भारतीय जीवन बीमा निगम ( एलआईसी ), भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लि. (एचएएल) के गेट सामने जा कर प्रदर्शन करवाये जाते थे। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) आज मुनाफा कमा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इनके कामकाज से मेक इन इंडिया को भी गति मिल रही है। ये उपक्रम रिकार्ड संख्या में रोजगार देकर दुनिया में अपनी ताकत दिखा रहे हैं। मोदी ने कहा, "कांग्रेस ने किसानों के साथ विश्वासघात किया। देश में 10 करोड़ किसानों के पास दो हेक्टेयर से भी कम जमीन है उन पर ध्यान नहीं दिया। ऐसे किसानों को किसान सम्मान निधि कार्यक्रम में हमने चार लाख करोड़ रुपये दिये हैं।
उन्होंने किसानों के लिए विभिन्न पहलों का उल्लेख करते हुए किा इससे किसानों में नये सपने जगे हैं और वे भारत की आशा और अपेक्षा के अनुरूप परिणाम देगें। उन्होंने आर्थिक असमानता के मुद्दे पर कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अपने को राज कहलवाने वाले कांग्रेस के एक सदस्य (दिग्विजय सिंह) आर्थिक असमानता की चर्चा कर रहे हैं।
व्यापार समझौतों के बाद दुनिया को हो रहा स्थिरता और गति का एहसास
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि यूरोपीय संघ के साथ भारत के व्यापार समझौते के बाद स्थिरता का एहसास कर रहे विश्व को अमेरिका के साथ देश के इसी तरह के करार के बाद अब गति का भी एहसास होने लगा है। उच्च सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ''पिछले कुछ समय में विश्व के नौ बड़े देशों के साथ हमारे समझौते हुए हैं और उसमें 'मदर ऑफ आल डील' में यूरोपीय संघ के 27 देशों के साथ एकमुश्त समझौता हुआ है।''
उन्होंने कहा, ''विकसित देश अपने आप भारत के साथ व्यापार समझौता करने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई विकसित देश किसी विकासशील देश के साथ अपने आप व्यापार समझौता करता है तो यह भी अर्थजगत के लिए बहुत बड़ा संदेश है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत विश्व के साथ स्पर्धा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सूक्ष्म एवं लघु उद्योग (एमएसएमई) नेटवर्क पर पूरा ध्यान दिया है। उन्होंने अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ भारत के व्यापार समझौतों का हवाला देते हुए कहा कि जब ईयू के साथ समझौता हुआ तो लोगों को लगा कि वैश्विक स्तर पर स्थिरता की संभावना बढ़ेगी।
मोदी ने कहा, ''अमेरिका के साथ व्यापार समझौता होने के बाद विश्व को और भरोसा हो गया कि जो स्थिरता का एहसास हो रहा था... अब गति का भी एहसास होने लगा है। यह विश्व के लिए शुभ संकेत है।'' उन्होंने कहा कि इसका सबसे अधिक फायदा देश के नौजवानों का होगा और इसमें बेटा और बेटियां दोनों शामिल हैं, हर वर्ग के युवा शामिल हैं।
नेहरू-इंदिरा का हुआ अपमान, विपक्ष को बोलने नहीं दिया गया
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बृहस्पतिवार को कहा कि सत्तापक्ष ने पंडित जवाहरलाल नेहरू एवं इंदिरा गांधी का अपमान किया और विपक्ष को सदन में बोलने नहीं दिया, इसलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण के समय विपक्षी दलों ने उच्च सदन से बहिर्गमन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दिया। हालांकि विपक्षी दलों के सदस्य सदन से बाहर चले गए।
खरगे ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ''आज राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, महामहिम राष्ट्रपति जी के अभिभाषण पर चर्चा का उत्तर देने आए थे। हम उन्हें सुनना चाहते थे, लेकिन हम चार दिन से देख रहे हैं कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी जी को बोलने नहीं दिया जा रहा है।''
उनका कहना था, ''हम संसद में लोकतंत्र, सामाजिक न्याय, युवाओं के लिए रोजगार और डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर अपनी बात रखना चाहते थे। हम सभी विपक्षी दलों ने ये तय किया था कि अगर लोकसभा में नेता विपक्ष को बोलने दिया गया, तो हम प्रधानमंत्री की बात जरूर सुनेंगे। लेकिन ऐसा लगता है कि सत्ता पक्ष ने ठान लिया है कि दोनों सदनों में नेता विपक्ष को बोलने नहीं देना है।''
खरगे ने कहा, ''अगर मेरी बात सुनी जाती तो गतिरोध खत्म हो सकता था, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया।'' कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ''मोदी सरकार हमारे नेताओं का अपमान करती है और विपक्ष को अपनी बात रखने नहीं देती, इसलिए हमने इसकी निंदा की और सदन से वॉकआउट कर दिया।''
उन्होंने कहा कि जिन महान नेताओं ने देश के लिए कुर्बानियां दीं और देश को आजादी दिलाई, उनके बारे में एक सांसद द्वारा अपशब्द कहा गया और पूरा सत्तापक्ष चुपचाप सुनता रहा। खरगे ने कहा, ''पंडित नेहरू जी ने आधुनिक भारत बनाया तो इंदिरा गांधी जी देश में जागृति लेकर आईं। ऐसे लोगों को सदन में भला-बुरा कहा जाता है, जिसका हम खंडन करते हैं।''
