बांदा जेल विवाद: बंदियों की रिहाई में लापरवाही हुई तो होगी सख्त कार्रवाई : पीसी मीणा
लखनऊ, अमृत विचार। कुख्यात स्कैप माफिया और गैंगस्टर रविन्द्र उर्फ रवि काना की बांदा जेल से अवैध रिहाई के बाद जहां जेल अफसरों और कर्मियों की दिक्कतें दिनों दिन बढ़ रही हैं, वहीं प्रदेश के महानिदेशक कारागार पीसी मीणा ने भी तल्ख रुख अपनाया है। उन्होंने प्रदेश भर के जेल अधीक्षकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। कहा है कि बंदियों की रिहाई में अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। यदि लापरवाही हुई तो फिर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर रवि काना को फरार हुए सप्ताह भर बीत चुका है। लेकिन अभी तक गिरफ्तारी तो दूर पुलिस उसका सुराग तक नहीं लगा सकी है।
डीजी कारागार पीसी मीणा ने बताया कि प्रदेश भर के सभी डीआईजी जेल, जेल अधीक्षक व जेलरों को विस्तार से निर्देश जारी किए हैं। साफ तौर पर कहा है कि किसी भी हाल में बांदा जेल का प्रकरण नहीं दोहराया जाए। किसी भी बंदी की रिहाई से पहले सभी पहलुओं की ठीक तरह से जांच पड़ताल कर ली जाए। उसके बाद भी किसी बंदी की रिहाई की जाए। बंदी की रिहाई में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उधर इस मामले में बांदा जेल के अधीक्षक, जेलर और डिप्टी जेलर के निलंबन के बाद बांदा के एडीशनल पुलिस अधीक्षक शिवराज के नेतृत्व में पांच सदस्यीय विशेष टीम रवि काना की रिहाई की जांच कर रही है। टीम ने दर्जन भर जेल कर्मियों के बयान लिए हैं, वहीं अन्य साक्ष्यों को भी एकत्र किया जा रहा है। वहीं थाने में जेल अफसर और कर्मियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में भी पुलिस अलग से तफ्तीश कर रही है। सूत्रों का दावा है कि विशेष जांच में आधा दर्जन बंदी रक्षक भी संदेह के घेरे में आ रहे हैं। जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर आला अफसरों को भेज दी जाएगी।
फरार रवि काना का नहीं लगा सुराग
कुख्यात गैंगस्टर रविन्द्र नागर उर्फ रवि काना पुत्र यतेन्द्र सिंह, निवासी दादूपुर थाना दनकौर जिला गौतमबुद्धनगर बांदा जेल में बंद था। उसे बगैर किसी अदालत के सक्षम आदेश के 29 जनवरी की शाम छह बजे बांदा जेल से रिहा कर दिया गया था। हैरत की बात तो यह है कि सप्ताह भर से अधिक समय बीत जाने की बाद भी रवि काना की गिरफ्तारी को तो दूर, कोई सुराग नहीं लग सका है। इससे पुलिस और कारागार विभाग की खासी किरकिरी हो रही है। उधर पुलिस का दावा है कि रवि काना की गिरफ्तारी को एसओजी को लगाया गया है। हाई-वे किनारे लगे सीसी कैमरों को खंगाला जा रहा है, जिसमें रवि काना की कार घाटमपुर के पास से जाती हुई दिखाई दे रही है। इसके साथ ही रवि काना की तलाश में लखनऊ, दनकौर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, दिल्ली और उत्तराखंड में लगातार दबिश दी जा रही हैं। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह था मामला
कुख्यात रवि काना को अगस्त 2024 को गौतमबुद्ध नगर जेल से बांदा जेल भेजा गया था। वहां से उसे 29 जनवरी को अदालत के बगैर किसी वैध आदेश के रिहा कर दिया गया। जबकि 28 जनवरी को गौतमबुद्ध नगर के सीजेएम की अदालत ने रवि काना के खिलाफ बी वारंट जारी किया था। रिहाई के बाद खलबली मची तो बांदा जेल अधीक्षक अनिल गौतम, जेलर विक्रम सिंह यादव और डिप्टी जेलर निर्भय सिंह को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही सभी अफसरों को विभागीय जांच चल रही है। उधर गौतमबुद्धनगर के सीजेएम की अदालत ने बांदा जेल अधीक्षक अनिल गौतम से जवाब तलब किया था।
