बरात या आफत: सड़क पर डीजे की धुन पर नागिन डांस, जाम में फंसी एम्बुलेंस

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। प्रशासनिक अधिकारियों और यातायात पुलिस की इसे लापरवाही कहा जाय या फिर अनदेखी। शहर वासियों को जाम से निजात मिलती नहीं दिख रही है। जाम को लेकर बनाए गए नियम और आदेश सिर्फ कागजों तक ही सीमित दिखाई पड़ रहे हैं।

मंगलवार रात शहर के सलेमपुर कोन नौरंगाबाद स्थित नामे महाराज कोठी के पास डीजे की तेज धुन पर नागिन डांस सड़क के बीचों-बीच होने के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम में एक एम्बुलेंस भी फंस गई। सुबह संकटा देवी से लेकर मेला मैदान तक रोड करीब डेढ़ घंटे जाम रहा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार की रात डीजे की आवाज पर युवकों का समूह सड़क पर ही नाच-गाना कर रहा था। इस दौरान किसी ने यातायात की व्यवस्था संभालने की कोशिश नहीं की। राहगीरों और वाहन चालकों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। एम्बुलेंस के सायरन बजाने के बावजूद भीड़ तुरंत नहीं हटी, जिससे लोगों में आक्रोश देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह की लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

चार दिन पूर्व ही कोतवाली सदर में एसडीएम सदर और सीओ सदर की मौजूदगी में डीजे संचालकों एवं गेस्ट हाउस मालिकों के साथ बैठक आयोजित की थी। बैठक में साफ निर्देश दिए गए थे कि किसी भी हाल में सार्वजनिक मार्ग पर कार्यक्रम नहीं होंगे और यातायात बाधित नहीं किया जाएगा। साथ ही ध्वनि प्रदूषण और समय सीमा का कड़ाई से पालन करने को कहा गया था। इसके बावजूद सड़क पर खुलेआम नियमों की अनदेखी से प्रशासनिक सख्ती पर सवाल उठ रहे हैं। 

लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस मौके पर पहुंचकर व्यवस्था संभालती तो एम्बुलेंस को जाम में नहीं फंसना पड़ता। अब देखना होगा कि प्रशासन इस प्रकरण में क्या कार्रवाई करता है। उधर बुधवार को शहर की यातायात व्यवस्था उस समय चरमरा गई। जब संकटा देवी चौराहे से मेला मैदान रोड तक अचानक भीषण जाम लग गया। हैरानी की बात यह रही कि न तो किसी शादी-ब्याह का कार्यक्रम था। न बैंड-बाजा, न बारात और न ही किसी मैरिज लॉन में बड़ा आयोजन था।

इसके बाद भी सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब डेढ़ घंटे तक लोग जाम में फंसे रहे और यातायात रेंगता रहा। यह कोई पहला मामला नहीं है। यातायात पुलिस कर्मियों की लापरवाही के रारण आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। शहर की ऐसी कोई सड़क नहीं है, जिस पर जाम न लगता हो। यातायात पुलिस सिर्फ वाहनों के चालान और अवैध धन उगाही में ही लगी रहती है।

हर दिन लगने वाले इस जाम ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दीं। दोपहिया, ई-रिक्शा, कार, स्कूल वैन और छोटे-बड़े मालवाहक वाहन सड़क पर जगह-जगह फंसे नजर आते हैं। कई स्कूली बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते, जबकि दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भी देरी का सामना करना पड़ा। मरीजों को लेकर जा रहे परिजन भी जाम में फंस जाते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहन, ई-रिक्शा चालकों की अव्यवस्थित पार्किंग और चौराहे पर ट्रैफिक नियंत्रण की कमी ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। कुछ स्थानों पर दुकानों के सामने खड़े वाहनों ने मार्ग को और संकरा कर दिया, जिससे एक समय में केवल एक ही लाइन से वाहन निकल पा रहे थे।

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अधिकारियों के वाहन भी जाम में फंसे रहे। लोगों का कहना है कि यदि चौराहों पर नियमित रूप से ट्रैफिक पुलिस की तैनाती रहती और अवैध पार्किंग पर सख्ती होती तो शायद इतनी बड़ी समस्या खड़ी न होती। हालांकि जाम की सूचना मिलने के बाद देर से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और धीरे-धीरे यातायात सुचारू कराया गया। हालांकि तब तक लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ चुकी थी। 

शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रमुख चौराहों पर स्थायी ट्रैफिक व्यवस्था लागू की जाए। सड़क किनारे अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर अभियान चलाया जाए। व्यस्त समय में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए, ताकि ऐसी अव्यवस्था से बचा जा सके। एएसपी पूर्वी पवन गौतम ने बताया कि जाम की समस्या को लेकर यातायात पुलिस को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी।

 

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